उत्तर प्रदेश के लिए वर्ष 2026 विकास और नई संभावनाओं का महत्वपूर्ण वर्ष बनने जा रहा है। युवाओं के लिए डेढ़ लाख सरकारी नौकरियों के अवसरों से लेकर गंगा एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट, पांचवां भूमि पूजन कार्यक्रम, वैश्विक निवेश तथा स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में प्रदेश को 10 बड़ी उपलब्धियां मिलने वाली हैं। ये पहलें न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति को गति देंगी, बल्कि आम नागरिकों के जीवन को भी अधिक सुविधाजनक और बेहतर बनाएंगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा देश का जेवर
दिल्ली से सटे जेवर क्षेत्र में देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, के शीघ्र संचालन की संभावना है। करीब 3300 एकड़ में फैला यह हवाईअड्डा लगभग 7000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। शुरुआती चरण में यहां एक रनवे से संचालन होगा, जबकि भविष्य में इसे बढ़ाकर पांच रनवे किया जाएगा। एयरपोर्ट की वार्षिक क्षमता लगभग एक करोड़ यात्रियों की होगी और यहां प्रतिदिन औसतन 150 उड़ानों के संचालन की योजना है।
50 हजार शिक्षकों व प्राचार्यों की नियुक्ति
वर्ष 2026 में पुलिस विभाग द्वारा करीब 30 हजार आरक्षियों और 5 हजार उपनिरीक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न श्रेणियों के लगभग 15 हजार अन्य पदों पर भी नियुक्तियां होंगी। शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक से लेकर प्रधानाचार्य तक लगभग 50 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राजस्व विभाग में करीब 20 हजार पदों पर भर्तियां प्रस्तावित हैं, जबकि कारागार, आवास विकास, बाल विकास पुष्टाहार, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों में लगभग 30 हजार पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।
5 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश परियोजनाएं
साल 2026 की शुरुआत के साथ ही सरकार पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) आयोजित करने की तैयारी कर रही है, जिसके माध्यम से 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। अब तक दोनों कार्यकालों में आयोजित चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिए 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की औद्योगिक परियोजनाएं शुरू की जा चुकी हैं, जिससे 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार और नौकरी के अवसर मिले हैं।
सबसे लंबी सड़क परियोजना का आगाज
इस वर्ष राज्य की सबसे लंबी और महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना, गंगा एक्सप्रेसवे, का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। यह एक्सप्रेसवे यात्रा का समय कम करने के साथ-साथ प्रदेश के आर्थिक विकास को भी गति देगा। लगभग 594 किलोमीटर लंबा यह मार्ग मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा और 12 जिलों व 518 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके निर्माण पर कुल 36,230 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।








