उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी प्रवास के बाद गाजीपुर जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने बाढ़ की स्थिति का अवलोकन करने के बाद जिला और मंडल स्तर के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी संभव कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रशासनिक अमला लगातार निगरानी रखे और शरणालयों में रहने वाले लोगों को समय पर भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएँ।
प्रदेश के 43 जिलों में बाढ़ की तबाही
उत्तर प्रदेश में इस साल मॉनसून ने भयंकर प्रभाव डाला है और कई जिलों में बाढ़ का असर अभी भी जारी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 43 जिले प्रभावित हैं, जिनमें अब तक 9.55 लाख से अधिक लोग प्रभावित बताए गए हैं। वर्तमान में 18 जिलों में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है और लगभग 2.46 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हैं। बाढ़ से प्रभावित जिलों में बलिया, बहराइच, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गोंडा, गाजीपुर, हरदोई, कानपुर नगर, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मेरठ, मीरजापुर, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी शामिल हैं।
प्रभावितों तक राहत पहुंचाने पर जोर
सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार आपदा की इस घड़ी में हर नागरिक के साथ खड़ी है और किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने मवेशियों के चारे, पीने के पानी की शुद्धता और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित गांवों में दवाओं, एंटी-स्नेक वेनम और एंटी-रेबिज़ टीकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश भी दिया। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को तेज करने और प्रभावितों तक तुरंत सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि सरकार हर संभव मदद प्रदान करेगी। वे बाढ़ राहत शिविर में बच्चों के बीच पहुंचे और छोटे बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें दुलारा। सीएम ने बच्चों को चॉकलेट के पैकेट भी वितरित किए। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में जानकारी ली और उन्हें अपने परिवार का नाम रोशन करने का आशीर्वाद दिया।