इंदौर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की सभी तैयारियां संपन्न हो चुकी हैं। 1 मार्च से जिले के 91 केंद्रों पर खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस वर्ष किसानों को प्रति क्विंटल 2600 रुपए का भुगतान किया जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 150 रुपए और राज्य सरकार की ओर से 175 रुपए का बोनस शामिल है।
बता दें की किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इस साल 20,955 किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए अपना पंजीकरण करवाया है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले और भुगतान समय पर किया जाए।

खरीदी केंद्रों पर सुविधाओं की पुख्ता व्यवस्था
मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य किसानों को उनकी फसल का ना सिर्फ उचित मूल्य दिलाना है बल्कि खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाना भी है। बीते वर्षों में किसानों को लंबी कतारों और भुगतान में देरी जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार प्रशासन ने पहले से ही सभी व्यवस्थाओं को सुचारू करने के प्रयास किए हैं।

इंदौर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित बैठक में खरीदी केंद्रों की तैयारियों का मूल्यांकन किया गया। बैठक में अपर कलेक्टर गौरव बेनल, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन, इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ आर.पी. अहिरवार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो और खरीदी केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। तौल कांटे, बारदाना (बोरियां), पेयजल और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सहित अन्य जरूरी इंतजाम किए जाएंगे, ताकि किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो।
निष्पक्ष प्रक्रिया के साथ समय पर भुगतान सुनिश्चित
मध्य प्रदेश सरकार ने कृषि उपज की खरीदी को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष उपाय किए हैं, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य बिना किसी विलंब के मिल सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खरीदी केंद्रों पर कोई अनियमितता न हो और भुगतान तय समय पर किया जाए।
इस वर्ष गेहूं खरीदी प्रक्रिया को पहले से अधिक डिजिटल और संगठित किया गया है, ताकि किसानों को दलालों और बिचौलियों से सुरक्षित रखा जा सके। प्रत्येक किसान की उपज का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा, और भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा।
गेहूं खरीद प्रक्रिया के महत्वपूर्ण बिंदु
- खरीदी शुरू होने की तिथि – 1 मार्च 2025
- कुल खरीदी केंद्रों की संख्या – 91 (इंदौर जिले में)
- समर्थन मूल्य (MSP) – ₹2,600 प्रति क्विंटल
- पंजीकृत किसान – 20,955
- तौल और भुगतान प्रक्रिया – तुलाई एवं भुगतान की व्यवस्था उसी दिन होगी
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी अभियान मध्यप्रदेश के किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद रहेगा। सरकार और प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों से किसानों को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और त्वरित प्रक्रिया का लाभ मिलेगा। आने वाले दिनों में यह देखा जाएगा कि खरीदी व्यवस्था कितनी सुचारू रूप से संचालित होती है और किसानों को इसका कितना वास्तविक लाभ मिलता है।