मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राशन वितरण पीओएस मशीनों के जरिए राशन बंटवा रही है। आधार नंबर लिंक करने और राशन लेने वाले व्यक्ति का पीओएस मशीन पर थंब इंप्रेशन लेने के बाद राशन दिया जा रहा है। लेकिन बावजूद इसके यहां राशन चोरी की जा रही थी। बताया जा रहा है इसी जांच के लिए गठित दल ने भी जांच में फर्जीवाड़ा कर दिया।

विभाग ने जाँच की अलग बनाई थी टीम

विभाग ने पूरे मामले की जांच के लिए अलग-अलग टीम बनाई थी। जिन्होंने 70 से ज्यादा राशन दुकानों की जांच की। जिसमें सामने आया कि कई दुकानों ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के पात्रों को राशन ही नहीं बांटा। वहीं, कहीं बंटा तो उसे भी कम दिया गया। राशन दुकान के रजिस्ट्रर और स्टॉक में भी बड़ा अंतर मिला है। इस मामले की शिकायत के बाद विभाग ने एक टीम गठित की थी। टीम ने जांच के नाम पर खानापूर्ति कर उपभोक्ताओं से अपनी तरफ से पहले से लिखे बयानों पर हस्ताक्षर करा लिए। निरीक्षण में भी गड़बड़ी की गई।

जाँच करने वाले 8 अफसरों पर गिरी गाज

जांच कार्य में अनियमितता करने वाले 8 अफसरों को भी निलंबित किया है. सस्पेंड होने वालों में सहायक आपूर्ति और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी स्तर के अफसर शामिल है. जांच में गड़बड़ी करने वाले 4 अफसरों को चार्जशीट थमाई है. 39 शासकीय उचित मूल्य दुकानों की भी आवंटन निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं. 11 जांच दलों ने 70 दुकानों की आकस्मिक निरीक्षण किया था. जांच में 70 में से 39 दुकानों में व्यापक अनियमितता पाई गई. स्थानीय अधिकारियों को जाँच प्रक्रिया से दूर रखा गया था.