नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती महासंघ और पहलवानों के बीच जारी जंग खत्म हो गई है। केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और पहलवानों के बीच शुक्रवार रात 5 घंटे तक चली बैठक खत्म होने के बाद धरना दे रहे पहलवानों ने धरना खत्म करने का एलान कर दिया है। उन्होंने सरकार से मिले आश्वासन मिलने के बाद यह फैसला लिया।

जानकारी के लिए आपको बता दे कि, अनुराग ठाकुर ने पहलवानों के साथ शुक्रवार देर रात बैठक के बाद WFI प्रमुख पर लगे आरोपों की जांच के लिए एक समिति बनाने की घोषणा की और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके साथ न्याय जरूर होगा इसके बाद पहलवानों ने धरने को खत्म करने का फैसला किया।

बता दे कि, ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया और साक्षी मलिका और विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट समेत कई नामचीन हस्तियों ने डब्ल्यूएफआइ अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न और धमकाने का आरोप लगाया है। बृजभूषण पर लगे आरोपों की जांच दो समितियों के हवाले की जाएगी। खेल मंत्री ने आरोपों की जांच के लिए एक समिति बनाने की घोषणा की है।

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जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण निगरानी समिति द्वारा मामले की जांच किए जाने तक पद की जिम्मेदारियों से हट जाएंगे। बजरंग पुनिया ने जानकारी देते हुए बताया कि खेल मंत्री ने उनकी मांगों को सुना और उचित जांच का आश्वासन दिया। बजरंग पुनिया ने कहा, मैं केंद्रीय खेल मंत्री को धन्यवाद देता हूं और हमें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच होगी, इसलिए हम विरोध वापस ले रहे हैं।

पहलवानों की शिकायतों के निशाने पर आए बृजभूषण को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारियों से अलग किया जा रहा है। पहलवानों ने अपना धरना समाप्त करने का फैसला किया। खेल मंत्रालय तीन सदस्यीय जांच समिति के सदस्यों के नामों की आज घोषणा करेगा। यह समिति 4 सप्ताह में बृजभूषण और WFI के अन्य पदाधिकारियों पर लगे सभी आरोपों की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट खेल मंत्रालय को सौंपेगी। कमेटी की जांच पूरी होने तक अध्यक्ष कुश्ती संघ के दैनिक कार्यों से दूर रहेंगे।