इंदौर प्रेस क्लब द्वारा मीडियाकर्मियों के बच्चों के लिए आयोजित दो दिवसीय बौद्धिक विकास कार्यशाला सम्पन्न

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इंदौर। जहां 10वीं कक्षा के विद्यार्थी कृष्णासिंह भदौरिया ने चार अंकों का चार अंकों में गुणनफल का योग चंद सेकंड में बताया तो वहीं, 9वीं कक्षा के विद्यार्थी रितेश जैन ने मात्र ढाई मिनट में रोबोट बनाकर दिखा दिया, तो उपस्थित बच्चों और उनके अभिभावकों का आश्चर्य का ठिकाना न रहा। यह दृश्य आज सुबह इंदौर प्रेस क्लब द्वारा मीडियाकर्मियों के बच्चों के लिए आयोजित दो दिवसीय बौद्धिक विकास कार्यशाला में देखने को मिला।

कार्यशाला ले रहे बौद्धिक विकास के एक्सपर्ट और शोधकर्ता विक्की जायसवाल ने बताया कि यह सब संभव हुआ न्यूरल कोडिंग प्रोग्राम से, जिसे मैंने स्वयं इजाद किया है। यह एक ऐसा प्रोग्राम है, जिसके माध्यम से बच्चे अपनी मैमोरी को कई गुणा बढ़ा सकते हैं और परीक्षा के दिनों में भी तनाव मुक्त रह सकते हैं। उन्होंने बताया कि हमारा मस्तिष्क बहुत पॉवरफुल होता है, यदि हम उसका सही इस्तेमाल करना सीख जाएं तो बड़े से बड़े टॉस्क को भी क्षणभर में हल कर सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि बच्चों को परीक्षा में अधिक नंबर लाने के लिए अधिक दबाव डालने के बजाय बच्चे में विशेष गुण देखें और उसे पहचानकर उसे विकसित करने की दिशा में मार्गदर्शन करें। श्री जायसवाल ने पॉवर पाइंट के माध्यम से मस्तिष्क की संरचना को समझाया और बच्चों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के संतोषजनक जवाब दिए।

प्रख्यात कार्टूनिस्ट इस्माइल लहरी ने कहा कि बच्चों को सीखने से कभी भी परहेज नहीं करना चाहिए, क्योंकि सीखी हुई बातें जीवन में कभी न कभी काम आती हैं। काउंसलर श्रीमती रागिनी माथुर ने कहा कि बच्चों का विकास गर्भ से ही शुरू हो जाता है। महाभारत में अभिमन्यु द्वारा चक्रव्यूह रचना का ज्ञान प्राप्त करना इसका प्रमाण है। उन्होंने आगे कहा कि जब एक बीज में वटवृक्ष बनने की संभावना होती है, तो बच्चों में तो आगे बढऩे की अनन्त संभावनाएं हैं। शिक्षाविद अजय चौरडिय़ा ने कहा कि सीखने की सबसे अच्छी उम्र बचपन की होती है। जो भी सीखें उसे उत्साह और मन लगाकर सीखें। एडवोकेट अभिषेक वर्मा ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस कार्यशाला में आकर मुझे भी अपना बचपना याद आ गया।

डॉ. ममता शुक्ला ने भी संबोधित किया। इस मौके पर बच्चों ने भी अपने अनुभव साझा किए। स्वागत उद्बोधन देते हुए इंदौर प्रेस क्लब कार्यकारिणी सदस्य प्रदीप जोशी ने कहा कि बच्चे जो भी सीखें, उत्साह से सीखें और अपने आत्मविश्वास को कभी भी डिगने नहीं दें। वरिष्ठ पत्रकार गौरव चतुर्वेदी, प्रवीण जोशी, ताहिर कमाल सिद्दिकी, मंगल राजपूत, अभिषेक वर्मा ने प्रतिभाशाली बच्चे कृष्णासिंह भदौरिया, प्रतीश जैन, शुभ अग्रवाल, प्रशम पहाडिय़ा मैडल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। धर्मेन्द्र शुक्ला, अरुण हार्डिया, राजेन्द्र गुप्ता, मनीष व्यास ने अतिथियों को प्रतीक चिह्न प्रदान किए। कार्यक्रम का संचालन महासचिव नवनीत शुक्ला ने किया। इस मौके पर मीडिया के साथी एवं उनके बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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