Tithi : आज है पौष शुक्ल द्वादशी तिथि, रखें इन बातों का ध्यान

आज शुक्रवार, पौष शुक्ल द्वादशी तिथि है। आज रोहिणी नक्षत्र, "आनन्द" नाम संवत् 2078 है। 

आज शुक्रवार, पौष शुक्ल द्वादशी तिथि है। आज रोहिणी नक्षत्र, “आनन्द” नाम संवत् 2078 है।
( उक्त जानकारी उज्जैन के पञ्चाङ्गों के अनुसार है)

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-आज मकर संक्रान्ति पर्व है।
-पञ्चाङ्ग भेद के कारण कल भी मकर संक्रान्ति पर्व मनाया जाएगा।
-संक्रान्ति पर्व पर ॐ सूर्याय नमः का जप अथवा आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने का विशेष महत्त्व है।
-मकर संक्रान्ति पर तिल का दान सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
-सब तीरथ बार बार; गङ्गासागर एक बार – यह ख्याति प्राप्त लोकोक्ति है।
-गङ्गासागर में आज के दिन श्रद्धालु जन समुद्र देवता को नारियल और जनेऊ भेंट करते हैं।
-समुद्र में पितरों को जल अवश्य अर्पित करना चाहिए।
-देवर्षि नारद ने ब्रह्माजी के आदेश पर गङ्गा सागर सङ्गम पर एक यज्ञ किया एवं ब्रह्मवेत्ताओं को बसाया था।
-उन ब्रह्मवेत्त्ताओं में एक हरित मुनि थे। उनका कमठ नामक पुत्र था।
-बालक कमठ और सूर्य के बीच गंगासागर में आज के दिन शास्त्रार्थ हुआ था।
-बालक कमठ की प्रार्थना पर भगवान सूर्य ने इस क्षेत्र को मकर संक्रान्ति के दिन सूर्यतीर्थ का गौरव प्रदान किया था।
-तभी से आज तक महीसागर सङ्गम को जयादित्य तीर्थ, गङ्गासागर तीर्थ कहते हैं।
-बालक कमठ द्वारा भगवान सूर्य का अदृश्य भाव से जो मन्त्रोच्चार हुआ था, वह ध्वनि आज भी सुनाई पड़ती है।
-उक्त ध्वनि श्रद्धालु, निष्ठावान सूर्य भक्तों को ही सुनाई देती है।

दिनांक 14 जनवरी 2022, शुक्रवार
-विक्रम संवत् 2078, शक संवत् 1943
-पौष शुक्ल द्वादशी रात्रि 11:28 बजे तक, पश्चात त्रयोदशी तिथि
-इन्दौर का सूर्योदय : प्रातः 07:12 बजे
-इन्दौर का सूर्यास्त : सायं 06:00 बजे
-अयन : उत्तरायन
-ऋतु : शिशिर
-नक्षत्र : रोहिणी रात्रि 09:47 बजे तक, पश्चात मृगशिरा
-योग : शुक्ल अपराह्न 04:02 बजे तक, पश्चात ब्रह्म योग
-राहुकाल : स्थानीय समयानुसार प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक
-दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
-मकर संक्रान्ति पर्व है।
-खाटू वाले श्याम बाबा की मासिक ज्योत है।
-कल शनिवार 15 जनवरी 2022 के व्रत – पर्व – उत्सव
-पञ्चाङ्ग भेद के कारण मकर संक्रान्ति पर्व है।
-शनि प्रदोष व्रत है।

विजय अड़ीचवाल