जन्माष्टमी व्रत करने में बरते ये सावधानी, कहीं अनिष्ट न हो जाए

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जन्माष्टमी के त्योहार को लेकर अभी सभी को उलझनें हैं। कई जगहों पर जन्माष्टमी 23 को मनाई जाएगी तो वहीं कई जगहों पर 24 अगस्त को यह पर्व मनया जाएगा। यह तो हम सभी को पता है कि जनमाष्टमी का त्योहार हम क्यो मनाते है। सभी कृष्ण भक्त इस दिन कृष्ण के जन्म दिवस में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ते हैं। देश भर में बड़ी ही धूमधाम से इस त्योहार को मनाया जाता हैं। 

इस त्योहार के दिन मान्यता हैं कि पूरे दिन व्रत रखा जाता है और श्री कृष्ण के जन्म के बाद ही व्रत को खोला जाता हैं। कई लोग इस दिन व्रत तो रख लेते है लेकिन व्रत की सही विधि को नजरअंदाज करने के कारण उन्हें व्रत का लाभ नहीं मिल पाता हैं। आज हम आपको अपनी इस खबर में यही बताने वाले है कि इस दिन किस तरह व्रत को रखना चाहिए। 

जन्माष्टमी के दिन जो भी भक्त व्रत रखना चाहते हैं। उन्हें यह जरुर पड़ना चाहिए। जन्माष्टमी के व्रत से एक दिन पहले ही व्रत के नियमों का पालन करना होता हैं। इसके लिए आपको एक दिन पहले केवल एक समय का भोजन करना चाहिए और जन्माष्टमी के दिन सुबह स्नान करने के बाद भक्त व्रत का संकल्प लें। फिर अगले दिन रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि के खत्म होने के बाद रात को 12 बजे कृष्ण का जन्म कर व्रत पारण यानी कि व्रत खोलना चाहिए। 

कृष्ण का जन्म आधी रात को ही हुआ था इसलिए इस दिन आधी रात यानी 12 बजे ही कृष्ण का जन्म कर अभिषेक कर उनकी विधिवत पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने ही इस दिन के व्रत का लाभ भक्तों को मिलता हैं।