Breaking News

विश्व के प्रमुख 124 देश 14 जून को करते हैं स्वैच्छिक रक्दान

Posted on: 13 Jun 2018 12:12 by hemlata lovanshi
विश्व के प्रमुख 124 देश 14 जून को करते हैं स्वैच्छिक रक्दान

इंदौर: 14 जून विश्व रक्तदान दिवस। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हर साल 14 जून को ‘रक्तदान दिवस’ मनाया जाता है। वर्ष 1997 में संगठन ने यह लक्ष्य रखा था कि विश्व के प्रमुख 124 देश अपने यहां स्वैच्छिक रक्तदान को ही बढ़ावा दें। मकसद यह था कि रक्त की जरूरत पड़ने पर उसके लिए पैसे देने की जरूरत नहीं पड़ना चाहिए। तंजानिया जैसे देश में 80 प्रतिशत रक्तदाता पैसे नहीं लेते। blood 1

14 जून ही क्यों

blood 2
बहुत कम लोग ही जानते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रक्तदान दिवस को अग्रसर यानि आगे बढ़ाने के लिए 14 जून को ही विश्व रक्तदाता दिवस क्यों चुना। विश्व के विख्यात ऑस्ट्रिया जीव वैज्ञानीक और भौतिकी के विद्वान कार्ल लेण्डस्टाइनर का जन्म 14 जून 1868 को हुआ था। इसलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के तहत कार्ल लेण्डस्टाइनर के जन्मदिन के अवसर पर यह दिन तय किया गया । विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 2004 में स्थापित किया गया।

एड्स के बाद जागरूकताblood4अस्सी के दशक के बाद रक्तदान करते समय काफी सावधानी बरती जाने लगी है। रक्तदाता भी खुद यह जानकारी लेता है कि क्या रक्तदान के दौरान सही तरीके के उपकरण प्रयोग किए जा रहे हैं। वैसे एड्स के कारण यह जागरूकता बढ़ी। इस जागरूकता से लोग सावधान हुए वहीं रक्त के महत्व को भी समझे।

कर सकते हैं रक्तदान 16 से 60 साल के लोगblood 5रक्तदान कोई भी स्वस्थ्य व्यक्ति कर सकता है। 16 से 60 साल की उम्र के लोग जिनका 45 किलोग्राम से अधिक वजन हो और जिसे कोई भी बड़ी बीमारी न हो। मनुष्य के शरीर में रक्त बनने की प्रक्रिया हमेशा चलती रहती है और रक्तदान से कोई भी नुकसान नहीं होता।

350 मिलीग्राम रक्त दिया जाता है, उसकी पूर्ति शरीर में चौबीस घण्टे के अन्दर हो जाती है और गुणवत्ता की पूर्ति 21 दिनों के भीतर हो जाती है। जो व्यक्ति नियमित रक्तदान करते हैं उन्हें हृदय सम्बन्धी बीमारियां कम परेशान करती हैं। स्वस्थ्य व्यक्ति तीन माह में एक बार रक्तदान कर सकता है। आधा लीटर रक्त तीन लोगों की जान बचा सकता है।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com