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अक्सर मिलने वाली छुट्टी का आनंद नहीं उठा पाते लोग

अक्सर मिलने वाली छुट्टी का आनंद नहीं उठा पाते लोग

By Ayushi Jain—June 19, 2022

लेखक – आनंद शर्मा गपशप का ये कालम रविवार को छुट्टी के दिन इसलिए लिखा जाता है कि लोग आराम से इसे पढ़ें और अपनी आपबीती से इसके सिरे जोड़

जीवनदाता को खुशी की संजीवनी देने का पर्व है फादर्स डे

जीवनदाता को खुशी की संजीवनी देने का पर्व है फादर्स डे

By Ayushi Jain—June 19, 2022

(प्रवीण कक्कड़) भारतीय समाज संसार के सबसे संतुलित समाजों में से एक है। यहां की बहुसंख्यक आबादी के परिवारों का ताना-बाना पितृसत्तात्मक है, लेकिन हम अपनी जन्मभूमि को पितृभूमि नहीं,

आखिर ‘राष्ट्र प्रमुख’ और नागरिकों के बीच क्यों बढ़ रही हैं दूरियां?

आखिर ‘राष्ट्र प्रमुख’ और नागरिकों के बीच क्यों बढ़ रही हैं दूरियां?

By Ayushi Jain—May 29, 2022

निरुक्त भार्गव, पत्रकार 29 मई 2022 को उज्जैन में एक और राष्ट्रपति का आगमन हो रहा है. ये सिलसिला तभी से अनवरत है जबसे भारत एक संप्रभु, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बना.

भला इस संसार में ऐसा कौन होगा जो अपना भविष्य जानना न चाहता हो?

भला इस संसार में ऐसा कौन होगा जो अपना भविष्य जानना न चाहता हो?

By Ayushi Jain—May 29, 2022

रविवारीय गपशप लेखक – आनंद शर्मा भला इस संसार में ऐसा कौन होगा जो अपना भविष्य जानना न चाहता हो । हमारे वे मित्र जो शासकीय सेवा में हैं ,

वर्चुअल नहीं वास्तविक जिंदगी से मिलेगी संतुष्टि

वर्चुअल नहीं वास्तविक जिंदगी से मिलेगी संतुष्टि

By Ayushi Jain—May 22, 2022

(प्रवीण कक्कड़) हम जीवन में संतोष और खुशियां चाहते हैं लेकिन वास्तविक खुशियों की तलाश में आभासी खुशी के बीच खोकर रह जाते हैं। आज मोबाइल, कम्प्यूटर, इंटरनेट और अन्य

Happy Birthday: श्री श्री रवि शंकर के अनमोल वचन

Happy Birthday: श्री श्री रवि शंकर के अनमोल वचन

By Ayushi Jain—May 13, 2022

Happy Birthday: श्री श्री रविशंकर का 65वां जन्मदिवस मनाया जा रहा है। श्री श्री रविशंकर का जन्म 13 मई सन 1956 में तमिनाडु के पापनाशम नामक गांव में हुआ था।

कोरोना से कितने मरे ?

कोरोना से कितने मरे ?

By Ayushi Jain—May 8, 2022

डॉ. वेदप्रताप वैदिक विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना से मरनेवाले भारतीयों की जो संख्या जताई है, यदि वह ठीक हो तो वह भारत के लिए बहुत ही चिंता और लज्जा

नायकों की क़तार में कहां खड़े दिखना चाहते हैं पीएम ?

नायकों की क़तार में कहां खड़े दिखना चाहते हैं पीएम ?

By Ayushi Jain—May 8, 2022

श्रवण गर्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का असली स्वरूप कौन सा है ? केंद्र की सत्ता में आठ साल और उसके पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में बारह साल गुज़ार

मदर्स डे विशेष : मां सृष्टि का मूल है

मदर्स डे विशेष : मां सृष्टि का मूल है

By Ayushi Jain—May 8, 2022

प्रवीण कक्कड़ आधुनिक समाज में यह परंपरा विकसित हो गई है कि कोई ना कोई तारीख या दिन किसी विशेष प्रयोजन को समर्पित किया जाता है। आज का दिन मदर्स

राम और मर्यादा पुरषोत्तम राम

राम और मर्यादा पुरषोत्तम राम

By Ayushi Jain—April 10, 2022

राजकुमार जैन (स्वतंत्र विचारक) राम सिर्फ दो अक्षर का नाम भर नहीं है, रामनाम तो प्रत्येक प्राणी की चेतना में सांस की तरह बसा हुआ है, राम चेतना और सजीवता

साठ की हो गई अपनी संस्था

साठ की हो गई अपनी संस्था

By Ayushi Jain—April 9, 2022

अन्ना दुराई अनेकानेक छोटे बड़े पत्रकारों की गोद में पली बढ़ी हमारी संस्था आज स्वयं साठ की हो गई है। वाक़ई पत्रकार बिरादरी का तीर्थ है इंदौर प्रेस क्लब। आम

सीटें तो कम हो गईं! भाजपा मज़बूत हुई कि कमजोर ?

सीटें तो कम हो गईं! भाजपा मज़बूत हुई कि कमजोर ?

By Ayushi Jain—March 13, 2022

श्रवण गर्ग एग्जिट पोल्स के ‘अनुमान’ अंततः अंतिम ‘परिणाम’ भी साबित हो गए। प्रधानमंत्री सहित भाजपा के सभी बड़े नेताओं की भाव-भंगिमाओं में पहले से ही ऐसा परिलक्षित भी हो

भक्ति और भाईचारे के रंगों से सजा है होली का त्यौहार

भक्ति और भाईचारे के रंगों से सजा है होली का त्यौहार

By Ayushi Jain—March 13, 2022

प्रवीण कक्कड़ हमारे भारत देश में तरह-तरह के त्यौहार हैं। सबका अपना-अपना महत्व है और अपने अपने तौर-तरीके। लेकिन इन सब त्योहारों में भी होली का जो महात्म्य है, उसकी

बजट का बूस्टर डोज किसके लिए!

बजट का बूस्टर डोज किसके लिए!

By Ayushi Jain—February 3, 2022

जयराम शुक्ल मुद्दतों बाद ऐसा हुआ है जब बजट का सुर्ख शीर्षक बनाने में संपादकों के पसीने छूटे हैं..। कभी बजट पेश होने के एक दिन पहले अखबार के दफ्तर

बजट पर एक चैनलिया बहस

बजट पर एक चैनलिया बहस

By Ayushi Jain—February 2, 2022

बैठे-ठाले/ जयराम शुक्ल अपने देश में बजटोत्सव (budget festival) वैसे ही एक अपरिहार्य कर्मकाण्ड है, जैसे कि वार्षिक श्राद्ध (Annual Shradh)। श्राद्ध शोकोत्सव है, शोक भी उत्सव भी। अपने देश

कमलेश्वरजी को याद करते हुए

कमलेश्वरजी को याद करते हुए

By Ayushi Jain—January 6, 2022

जयंती/जयराम शुक्ल पिछले पैतीस साल की पत्रकारीय यात्रा में मेरे दिल-ओ-दिमाग में जिन कुछ शख्सियतों की गहरी छाप रही है उनमें से कमलेश्वर जी प्रमुख हैं। आज उनका जन्मदिन है।

‘कन्यादान’ रस्म का औचित्य और तपस्या के सवाल…!

‘कन्यादान’ रस्म का औचित्य और तपस्या के सवाल…!

By Ayushi Jain—December 21, 2021

अजय बोकिल सनातन हिंदू विवाह पद्धति में कन्यादान की रस्म के औचित्य पर मप्र की युवा आईएएस अधिकारी तपस्या परिहार द्वारा सवाल उठाने और अपने ही विवाह में इसे नकारने

अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस में नौकरी करने की गाथा

अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस में नौकरी करने की गाथा

By Akanksha Jain—August 21, 2021

गिरीश मालवीय की कलम से मान लीजिए कि आप किसी जानी मानी अंतराष्ट्रीय एयरलाइंस में नोकरी करते हैं और आपकी तनख्वाह यही कुछ लाख रुपये के आसपास है, कंपनी ठीक

अब किस दुनिया में जिएं प्रेमचंद के झूरी काछी और हीरा-मोती

अब किस दुनिया में जिएं प्रेमचंद के झूरी काछी और हीरा-मोती

By Ayushi Jain—July 31, 2021

समाज/जयराम शुक्ल आज प्रेमचन्द जयंती है। आज के दिन प्रेमचंद बड़ी शिद्दत से याद किए जाते हैं। हमारे यहां एक रिवाज है जिसे न मानना हो उसको पूजना शुरु कर

नामकरण ही नहीं, उसके पीछे के इरादे भी जानना ज़रूरी है !

नामकरण ही नहीं, उसके पीछे के इरादे भी जानना ज़रूरी है !

By Akanksha Jain—February 27, 2021

-श्रवण गर्ग सरकार अगर अचानक से घोषणा कर दे कि परिस्थितियाँ अनुकूल होने तक अथवा किन्ही अन्य कारणों से विवादास्पद कृषि क़ानूनों को वापस लिया जा रहा है और कृषि