नागरिकता संशोधन कानून लागू करने से इनकार नहीं कर सकते राज्य: केन्द्र

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नई दिल्ली। देशभर के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर बवाल जारी है। साथ ही ऐसे कई मुख्यमंत्री भी है जिन्होने इस बिल को अपने राज्य में लागू करने से इनकार कर दिया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो केन्द्र के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि नागरिकता संशोधन विधेयक को लागू करने से राज्य इनकार नहीं कर सकते हैं। क्योंकि यह कानून संविधान की सातवीं अनुसूची की संघ सूची के तहत बना है।

बता दे कि केन्द्र की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने इस बिल को असंवैधानिक बताकर अपने राज्यों में लागू करने से इनकार कर दिया है।

गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी का कहना है कि राज्यों को केन्द्र द्वारा बनाए गए ऐसे किसी कानून को लागू करने से इनकार करने का हक नहीं है जो संघ सूची में है। सातवीं अनुसूची की संघ सूची में कुल 97 ऐसे विषय हैं और इसके तहत रक्षा, विदेश, रेलवे, नागरिकता, जन्म से संबंधित अधिकार आदि आते हैं।

गौरतलब है कि गुरुवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा था ऐसे किसी भी असंवैधानिक कानून का केरल में कोई स्थान नहीं है। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुरू से बिल का विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा था, भाजपा ने अपने घोषणापत्र में देश के विकास के बजाय, देश को बांटने का वादा किया है।

वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी बिल को पंजाब में लागू करने से इनकार कर दिया है। जबकि, कांग्रेस शासित मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों कमलनाथ और भूपेश बघेल का कहना है कि कांग्रेस पार्टी इस पर जो भी रूख अपनाएगी, उनके राज्य उसे मानेंगे।

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