Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में बेकाबू हालात, दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश हुए जारी

बता दें कि श्रीलंका (Sri Lanka) में प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे (Mahinda Rajapaksa) ने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों द्वारा हिंसा और हमले किए जाने के बाद इस्तीफा दे दिया था. जिसके बाद से उनके समर्थकों ने भी हिंसा फैलाना शुरू कर दी है.

Sri Lanka Crisis

Sri Lanka Crisis: श्रीलंका (Sri Lanka) में हालात इन दिनों भयावह बने हुए हैं. स्थिति को देखते हुए यहां लागू की गई इमरजेंसी की अवधि 12 मई तक बढ़ा दी गई है. इमरजेंसी लागू होने के बाद भी यहां सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन लगातार जारी थे. जिस पर रोक लगाने के लिए अब रक्षा मंत्रालय की ओर से शूट ऑन साइट (shoot on sight) यानी देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं.

Sri Lanka Crisis

बता दें कि श्रीलंका (Sri Lanka) में प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे (Mahinda Rajapaksa) ने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों द्वारा हिंसा और हमले किए जाने के बाद इस्तीफा दे दिया था. जिसके बाद से उनके समर्थकों ने भी हिंसा फैलाना शुरू कर दी है. दबाव के चलते महिंदा राजपक्षे (Mahinda Rajapaksa) ने इस्तीफा दिया था, जिसके बाद उनके देश छोड़कर जाने की बात कही जा रही थी. जिस पर उनके बेटे नमल का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि पिता के देश छोड़कर जाने के बात अफवाह है. वह कहीं नहीं जाने वाले. नमल ने कहा है प्रधानमंत्री सुरक्षित है, वह सुरक्षित स्थान पर है और परिवार से बात कर रहे हैं.

सोमवार को यहां हुई हिंसा में सांसद समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी. इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के पुश्तैनी घर को भी आग लगा दी है. कर्फ्यू के बाद भी यहां के हालात बेकाबू हैं. प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के पास श्रीलंकाई पुलिस के अधिकारी के साथ मारपीट कर वाहन में आग लगा देने की घटना भी सामने आई है. अधिकारी कोलंबो में सर्वोच्च पद पर है, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए अधिकारी ने हवाई फायरिंग की थी. जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई. घायल अधिकारी को तुरंत ही इलाज के लिए घर भेज दिया गया.

Mahinda Rajapaksa

मामले को देखते हुए श्रीलंका (Sri Lanka) के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने ट्वीट के जरिए प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वह जिस भी पार्टी के हो लेकिन शांत रहें और हिंसा ना करें. राष्ट्रपति ने कहा कि नागरिकों के खिलाफ बदले की कार्रवाई को रोक दें. संवैधानिक जनादेश और आम सहमति से राजनीतिक स्थिति बहाल करने और आर्थिक संकटों को दूर करने के सभी प्रयास किए जाएंगे, लेकिन सभी शांत रहें.