टी20 के तूफानी स्टार वैभव टेस्ट में भी मचाएंगे धमाल? पनेसर और क्लार्क आमने-सामने

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By EditorPublished On: September 20, 2026

नई दिल्ली
भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपने बल्ले के दम पर लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं. अफगानिस्तान के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी टी20 सीरीज के लिए टीम का हिस्सा थे. लेकिन उन्हें एक भी मुकाबले में प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया.

दूसरी तरफ वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में टीम के लिए कुछ अहम पारियां खेलकर टेस्ट के लिए भी अपनी दावेदारी ठोकने का काम किया था. हालांकि, अभी भी क्रिकेट के कुछ दिग्गजों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी टेस्ट के खिलाड़ी नहीं हैं.

ऐसे में सवाल यह है कि क्या वैभव सिर्फ टी20 के स्टार हैं या वे टेस्ट क्रिकेट में भी अपनी धाक जमा पाएंगे? पूर्व इंग्लैंड स्पिनर मोंटी पनेसर ने वैभव की तकनीक पर सवाल उठाए हैं. वहीं ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क उनके समर्थन में उतर आए हैं.

मोंटी पनेसर का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी अपनी मौजूदा बैटिंग तकनीक के सहारे तीनों फॉर्मेट (टी20, वनडे और टेस्ट) में लंबे समय तक कामयाब नहीं हो सकते. पनेसर ने एक पॉडकास्ट पर कहा कि वे वैभव को टेस्ट क्रिकेट में सफल होते नहीं देखते.

पनेसर के मुताबिक मौजूदा दौर में हैरी ब्रुक जैसे गिने-चुने खिलाड़ी ही हैं जो टेस्ट और टी20 दोनों फॉर्मेट में टॉप-10 में शामिल हैं. पनेसर का साफ कहा कि वैभव के पास अभी लाल गेंद के क्रिकेट (टेस्ट) के हिसाब से सही तकनीक नहीं है.

क्या कहते हैं वैभव के आंकड़े
अगर वैभव के आंकड़ों पर नजर डालें तो टी20 में उनका प्रदर्शन किसी सपने जैसा है. उन्होंने सभी टी20 मैचों में 216.32 के तूफानी स्ट्राइक रेट और करीब 43 की औसत से 1670 रन बनाए हैं. लेकिन फर्स्ट-क्लास यानी रेड-बॉल क्रिकेट में उनके आंकड़े थोड़े फीके हैं, जहां उन्होंने 17 पारियों में महज 23.47 की औसत से 399 रन ही बनाए हैं.

माइकल क्लार्क ने क्या कहा?
दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क पनेसर के इस दावे से बिल्कुल इत्तेफाक नहीं रखते. क्लार्क का मानना है कि वैभव जैसा प्रतिभावान खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट में अपना दबदबा बना सकता है.

उन्होंने विराट कोहली और एबी डिविलियर्स की मिसाल देते हुए कहा कि ये दिग्गज टी20 के खतरनाक बल्लेबाज होने के साथ-साथ टेस्ट क्रिकेट के भी महान खिलाड़ी रहे हैं.

क्लार्क के मुताबिक अगर वैभव टेस्ट क्रिकेट में कदम रखते हैं तो उन्हें देखना बेहद रोमांचक होगा, बशर्ते वे खुद टेस्ट क्रिकेट खेलने के इच्छुक हों.