गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी पर बना 140 साल पुराना सस्पेंशन केबल ब्रिज के रविवार शाम ढह जाने से एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें अब तक 134 लोगों की मौत हो चुकी है. इन मृतकों में 48 बच्चे भी शामिल हैं।

200 से अधिक लोगों को बचाया गया है। घायलों का मोरबी सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है।

एक ही परिवार के 12 लोग हुए मौत के शिकार

इधर, मोरबी पुल हादसे में एक ही परिवार के 12 लोगों की मौत हुई है। यह मोरबी से 20 किलोमीटर दूर स्थित खानपर गांव के रहने वाले थे। ये सारे लोग दिवाली की छुट्टियों में एकसाथ घूमने आए थे।

कल जाएंगे मोरबी हादसे में शिकार हुए लोगो से मिलने पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी कल मोरबी का दौरा करेंगे और मृतकों के परिजनों से मिलेंगे. वह मोरबी ​सिविल हॉस्पिटल में भर्ती घायलों का भी हालचाल लेंगे। इस ब्रिटिश कालीन हेरिटेज ब्रिज को व्यापक मरम्मत कार्य और नवीनीकरण के बाद 4 दिन पहले ही जनता के लिए फिर से खोला गया था। अधिकारियों का कहना है कि पुल 100 लोगों का वजन उठा सकता था, लेकिन रविवार की शाम करीब 500 लोग इस पर मौजूद थे, जब हादसा हुआ।

सीएम करेंगे दौरा

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह मंत्री हर्ष सांघवी मोरबी में मौजूद हैं। चुनावी राज्य गुजरात का दौरा कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना के मद्देनजर अहमदाबाद में अपना रोड शो रद्द करने का फैसला किया है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, वायु सेना और नौसेना के अलावा स्थानीय प्रशासन बड़े पैमाने पर बचाव और राहत कार्यों में जुटा है। प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि हादसे के बाद कई लोग खुद को डूबने से बचाने के लिए पुल के तारों को पकड़कर लटक रहे हैं।

कई अन्य कमर-गहरे पानी में नदी के उथले हिस्सों में फंस हुए हैं. कुछ को पुल पर फंसे लोगों की मदद करने और नदी में गिरे लोगों को बचाने के लिए नदी में कूदते देखा गया। हम आपको मोरबी पुल हादसे और मच्छु नदी में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में पल-पल की जानकारी यहां दे रहे है।