Chaitra Navratri : चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजन की एक विशेष परंपरा है, जो विशेष रूप से मां दुर्गा के आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए की जाती है। इस दिन कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका सम्मान किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कन्याओं के पैरों को धोकर उन्हें माता की चुनरी ओढ़ाई जाती है, और फिर उन्हें भोजन कराया जाता है। इस पूजा को “कन्या पूजन” या “कंजक पूजन” कहा जाता है। इस बार चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजन 5 और 6 अप्रैल को मनाया जाएगा।
कन्या पूजन में उपहार देना जरुरी होता है, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि हम क्या चीज़ें दें और क्या न दें। कुछ उपहारों से पूजा का फल शुभ हो सकता है, जबकि कुछ चीज़ें अशुभ परिणाम भी दे सकती हैं। आइए जानें, कौन से उपहार कन्याओं को देने चाहिए:

शुभ उपहार:
- श्रंगार की वस्तुएं: चूड़ी, बिंदी, मेहंदी जैसी चीज़ें कन्याओं को उपहार में दी जा सकती हैं। ये न केवल शुभ मानी जाती हैं, बल्कि कन्याओं को सुंदर और सम्मानित महसूस कराती हैं।
- पढ़ाई-लिखाई से संबंधित चीज़ें: कन्याओं को ज्ञान की देवी सरस्वती का रूप मानकर कॉपी, किताबें, पेन या स्कूल से संबंधित उपहार देना भी एक उत्तम विचार है। इससे उनका भविष्य उज्जवल बनेगा।
- नए कपड़े: कन्याओं को नए और सुंदर वस्त्र उपहार में देना भी एक पारंपरिक और शुभ कदम है। नए कपड़े उन्हें विशेष सम्मान और प्रेम का अहसास कराते हैं।
कन्याओं को देने से बचें ये चीजे
- काले कपड़े और चमड़े की वस्तुएं: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, काले रंग को नकारात्मकता और शनि ग्रह से जुड़ा हुआ माना जाता है। इसके अलावा, चमड़े की वस्तुएं तामसिक मानी जाती हैं, जो पूजा के दौरान अशुभ होती हैं। इसलिए कन्याओं को काले कपड़े या चमड़े की वस्तुएं न दें।
- नुकीली या धारदार वस्तुएं: कन्याओं को किसी भी प्रकार की नुकीली या धारदार चीज़ें जैसे चाकू, कैंची आदि नहीं देनी चाहिए। यह अशांति और नकारात्मकता का कारण बन सकती है।
- प्लास्टिक के खिलौने: प्लास्टिक की चीज़ें, विशेष रूप से खिलौने, कन्याओं को उपहार में देने से बचें। यह पूजा के साथ मेल नहीं खातीं और शुभ नहीं मानी जाती हैं।
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