बिजली कंपनी के आईवीआर सिस्टम से हो रहा उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान, ऊर्जस ने भी पहुंचाई 450 को राहत

कंपनी के काल सेंटर 1912 पर आने वाले ज्यादा कॉल आईवीआर से संचालित हो रहे है। कंपनी क्षेत्र के 15 जिलों से पिछले 24 घंटों के दौरान आईवीआर पर 2227 कॉल पहुंचे। आईवीआर का उपयोग करने वालों में पहले स्थान पर इंदौर, दूसरे स्थान पर उज्जैन है।

Electricity Pylons at sunset on background

इंदौर। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के उपभोक्ता शिकायत निवारण में इंट्रेक्टिव वाइस रिस्पांस(आईवीआर) और ऊर्जस एप के कारण तेजी आई है। आईवीआर के तहत काल सेंटर कर्मचारी से बात करे बगैर भी सिर्फ बटन दबाकर शिकायत दर्ज हो जाती है। इससे समय बचता है, कार्य तेजी से हो जाता है। इसी तरह ऊर्जस एप के माध्यम से भी आपूर्ति व अन्य शिकायतें कम समय में दर्ज हो जाती है।

मौसम बदलाव व बारिश के दौरान बिजली कंपनी ने अपनी व्यवस्थाएं पहले से और बेहतर की है, ताकि मौसमी कारण से उपभोक्ता को कम से कम परेशानी उठानी पड़े। आपूर्ति में व्यवधान आए तो भी जल्द से जल्द समाधान हो सके। इसी दिशा में कंपनी के काल सेंटर 1912 पर आने वाले ज्यादा कॉल आईवीआर से संचालित हो रहे है। कंपनी क्षेत्र के 15 जिलों से पिछले 24 घंटों के दौरान आईवीआर पर 2227 कॉल पहुंचे। आईवीआर का उपयोग करने वालों में पहले स्थान पर इंदौर, दूसरे स्थान पर उज्जैन है।

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आईवीआर में उपभोक्ताओं को बटन दबाकर मात्र कनेक्शन क्रमांक आईवीआरएस दर्ज करना होता है। इस प्रणाली से 1912 पर मात्र 20 से 25 सेकंड में शिकायतें दर्ज हो जाती है। इसी तरह पिछले चौबीस घंटों दौरान ऊर्जस एप पर 450 उपभोक्ताओं ने मदद मांगी। ऊर्जस का उपयोग करने वालों में इंदौर पहले स्था पर है, इसके बाद उज्जैन, देवास, रतलाम का नंबर आता है। दोनों ही माध्यमों से उपभोक्ताओं की सतत मदद की जा रही है। मप्रपक्षेविविकं के प्रबंध निदेशक अमित तोमर एवं मुख्य महाप्रबंधक रिंकेश कुमार वैश्य प्रतिदिन कॉल सेंटर व शिकायत निवारण की समीक्षा कर रहे हैं।