चरम पर महाराष्ट्र की राजनीति, फ्लोर टेस्ट में ये छोटे 11 दल भी अहम!

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Owaisi

मुंबई। महाराष्ट्र में लगातार नई सियासी ड्रामेबाजी देखने को मिल रही है और सभी दलों समेत देशभर की नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हुई है। देवेन्द्र फडणवीस द्वारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लिए जाने के बाद कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना की ओर से दायर की गई याचिका के बादे कोर्ट ने राज्यपाल का आदेश और समर्थन पत्र मांगा है। अब सोमवार सुबह इस मामले की फिर से सुनवाई की जाएगी।

बता दे कि महाराष्ट्र की प्रमुख पार्टियों शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस और भाजपा को छोड़ दिया जाए तो बहुमत परिक्षण में छोटे दलांें की भूमिका भी अहम हो सकती है। 288 विधानसभा सीटों राज्य में भाजपा के 105 विधायक है। जबकि शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के क्रमशः 56, 44 और 54 विधायक हैं।

अधिकतर निर्दलीय शिवसेना के साथ

मालूम हो महाराष्ट्र में इस बार 13 निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। जो कि शिवसेना को समर्थन देने की बात कह रहे हैं। जबकि 11 अन्य छोटे दलों के विधायक किसे समर्थन देंगे फिलहाल ये साफ नहीं हो पाया है। हालांकि शिवसेना ने दावा किया है कि उसके पास इन दलों के 7 विधायकों को समर्थन है। माना जा रहा है कि शिवसेना के पास इस समर्थन को बचाकर रखने की चुनौती है।

बता दे कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमईआईएम के 2, बहुजन विकास अघाड़ी के 3, प्रहार जनशक्ति पार्टी के 2 और समाजवादी पार्टी के 2 विधायक हैं। वहीं स्वाभिमानी पक्ष, सीपीआईएम, जन सूर्या शक्ति, क्रांतिकारी शेत्कारी पार्टी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, पीसेंट एंड वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया के पास 1-1 विधायक हैं।

ऐसे में निर्दलीय और अन्य छोटे दलों के विधायकों को मिलाकर कुल 29 विधायक हो रहे हैं। माना जा रहा है कि बहुमत परीक्षण ये संख्या फ्लोर टेस्ट में अहम कड़ी साबित हो सकती है। बता दे कि महाराष्ट्र में बहुमत का आंकड़ा 145 सीटों का