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‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर बैठक खत्म, कांग्रेस सहित कई दलों ने किया किनारा

Posted on: 19 Jun 2019 20:17 by bharat prajapat
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर बैठक खत्म, कांग्रेस सहित कई दलों ने किया किनारा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वन नेशन, वन इलेक्शन को लेकर बुलाई सर्वदलीय बैठक खत्म हो गई है। हालांकि विपक्ष के कई नेता इस बैठक में नहीं पंहुचे। बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से इसकी जानकारी साझा की है।

बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने बताया कि कई पार्टियों की ओर से एक देश, एक चुनाव को अपना समर्थन दिया है। इस मुद्दें पर सीपीआई और सीपीएम के विचार अलग थे लेकिन उनहोने इसका विरोध नहीं किया है।

बता दे कि इस बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों के नेताओं ने इस बैठक से कनारा कर लिया। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बसपा प्रमुख मायावती, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पहले ही इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया था।

कांग्रेस नेता ने किया समर्थन-
एक देश, एक चुनाव पर कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने अपनी पार्टी के विपरीत राय दी है और इसका समर्थन किया है। गौरतलब है कि कांग्रेस पीएम मोदी के इस प्रस्ताव का विरोध करती आई है। वहीं, मिलिंद देवड़ा का कहा है कि मोदी सरकार के इा प्रस्ताव पर डिबेट होना चाहिए। उन्होने कहा कि 1967 तक देश में एक साथ चुनाव हुए है। उनका कहना है कि वह संसद के पूर्व सदस्य होने के नाते यह कहना चाहते हैं कि लगातार चुनाव गुड गवर्नेंस की दिशा में बाधा बनते है जिससे नेता मूल मुद्दों से भटक जाते हैं।

मायावती ने साधा पीएम पर निशाना-
वहीं इस बैठक से पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने पीएम मोदी पर निशाना साधा था। उन्होने कहा, ‘किसी भी लोकतांत्रिक देश में चुनाव कभी कोई समस्या नहीं हो सकती है और न ही चुनाव को कभी धन के व्यय-अपव्यय से तौलना उचित है। देश में ’एक देश, एक चुनाव’ की बात वास्तव में गरीबी, महंगाई, बेरोजबारी, बढ़ती हिंसा जैसी ज्वलन्त राष्ट्रीय समस्याओं से ध्यान बांटने का प्रयास व छलावा मात्र है।’

उन्होने आगे कहा, ‘बैलेट पेपर के बजाए ईवीएम के माध्यम से चुनाव की सरकारी जिद से देश के लोकतंत्र व संविधान को असली खतरे का सामना है। ईवीएम के प्रति जनता का विश्वास चिन्ताजनक स्तर तक घट गया है। ऐसे में इस घातक समस्या पर विचार करने हेतु अगर आज की बैठक बुलाई गई होती तो मैं अवश्य ही उसमें शामिल होती।’

ममता बनर्जी ने बैठक में आने से किया इनकार –
इधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया था। उन्होने इस संबंध में मंगलवार को संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर कहा था कि सरकार ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर ‘जल्दबाजी’ में निर्णय ना ले। सीएम ममता ने इस पर एक श्वेत पत्र तैयार करने की बात कही थी।

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