MP Board Result: कहीं छात्रों को भारी ना पड़ जाए स्कूल की गलती, बोर्ड ने दी चेतावनी

बता दें कि एमपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा 18 फरवरी से 10 मार्च के बीच हुई थी और 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 12 मार्च के बीच रखी गई थी. जिसमें 18 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिसमें 10वीं के 10 लाख और 12वीं के 7 लाख से ज्यादा छात्र थे.

भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल 10वीं और 12वीं के रिजल्ट में इस बार देरी हो गई है. वजह है स्कूलों की लापरवाही, स्कूलों ने अभी तक इंटरनल और प्रैक्टिकल एग्जाम के मार्क्स अपलोड नहीं किए हैं. स्कूलों को आखिरी मौका देते हुए बोर्ड ने 10 अप्रैल तक का समय दिया था. बोर्ड ने कहा था कि आखरी मौका है उसके बाद कोई तारीख नहीं दी जाएगी और अगर यह अंक अपलोड नहीं किए गए तो इसका सीधा असर छात्रों के रिजल्ट पर पड़ेगा उन्हें फेल भी किया जा सकता है.

बता दें कि एमपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा 18 फरवरी से 10 मार्च के बीच हुई थी और 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 12 मार्च के बीच रखी गई थी. जिसमें 18 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिसमें 10वीं के 10 लाख और 12वीं के 7 लाख से ज्यादा छात्र थे. कॉपियों की जांच 5 मार्च से शुरू की गई थी जो इन दिनों अंतिम पड़ाव पर चल रही है. वही प्रैक्टिकल और इंटरनल एग्जाम के अंक जमा करने के लिए बोर्ड की ओर से 30 मार्च तक का समय दिया गया था. लेकिन, स्कूलों ने यह अंक अपलोड नहीं किए थे. जिसके चलते नाराजगी जताते हुए बोर्ड ने 10 अप्रैल तक का समय स्कूलों को दिया था. आज शाम तक यह अंक जमा करने की आखिरी तारीख थी, अगर स्कूलों ने इस में लापरवाही की तो कई बच्चों का भविष्य बिगड़ सकता है.

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बता दें कि कुल 1 करोड़ 30 लाख कॉपियों को जांचने के लिए 30 हजार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है. वही बोर्ड की ओर से हाल ही में एक आदेश जारी किया गया था जिसमें कहा था कि 10वीं 12वीं के कई प्रश्न पत्रों में गड़बड़ियां थी. इसलिए इन विषयों में जिन छात्रों प्रश्न हल करने की कोशिश की है उन्हें बोनस अंक दिए जाएंगे. पहले मई के पहले हफ्ते में रिजल्ट आने की संभावना थी. लेकिन अब अप्रैल के अंतिम सप्ताह यानी 24 से 30 अप्रैल के बीच रिजल्ट घोषित किए जा सकते हैं.