लाल किले से मोदी की पाठशाला

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आज स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर मोदी आत्मविश्वास से भरपूर नज़र आये। दूसरी अवधि मे शानदार विजय के बाद मोदी ने आज सिद्ध कर दिया कि उनकी सरकार विचारों और निर्णयों की पुरानी जड़ता को तोड़ कर नये आयाम स्थापित करने में सक्षम है।दशकों से चल रही पुरानी बहसों पर निर्णय लेने में यह सरकार गति दिखा रही है।चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ के पद का निर्माण लम्बित होना मज़बूत नौकरशाही और कमज़ोर राजनीतिज्ञों के कारण वर्षों से भारत की सैन्य क्षमता पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा था। इसके सृजन की घोषणा करके उन्होंने सिद्ध कर दिया कि अब भारत की सेना सत्ता के गलियारों की फाईलों से प्रेरणा नहीं लेगी बल्कि एकीकृत कमांड के अंतर्गत एक फ़ुर्तीले संगठन के रूप में कार्य करेगी।धारा ३७० हटाने की घोषणा की गर्वोक्ति से श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा तब खिल उठी होगी जब मोदी ने कहा कि वन नेशन वन कांस्टीट्यूशन ही देश में चलेगा। इसके साथ ही उन्होंने इस धारा के हटाए जाने से जम्मू कश्मीर के अनेक रहवासियों को जो अपने अधिकारों से वंचित थे उनको अधिकार दिलाए जाने की बात कही।

उन्होंने अपने विरोधियों से पूछा कि वह बताए कि संविधान निर्माताओं ने इस धारा को स्थाई क्यों रखा था ? स्थाई व्यवस्था को हटाने का साहस उनकी सरकार ने दिखाया है। तीन तलाक़ के मामले में भी मोदी ने बड़ी बेबाक़ी से अपनी बात कही।उनका कहना था कि तीन तलाक़ की घटनाओं पर कार्रवाई से कहीं अधिक महत्वपूर्ण यह है कि मुस्लिम बहनों को अब इसके भय के बिना जीने का मौक़ा मिलेगा। उन्होंने देश को याद दिलाया कि जब सती प्रथा जैसी अन्य कुरीतियां हटायी जा चुकी है तो इस क्षेत्र में कार्रवाई क्यों नहीं हो सकती।मोदी ने अपने अनेक विधायी कार्यक्रमों को बताया और पुराने अनावश्यक कानूनों को हटाकर ईज़ आफ डूइंग बिज़नेस का रास्ता खोलने का दावा किया।मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार तथाआतंक विरोधी क़ानून के सुदृढ़ीकरण आदि की जानकारी दी।

मोदी ने सामाजिक एवं पर्यावरण से संबंधित मुद्दों पर बल दिया। 2 अक्टूबर से वन टाइम यूज़ प्लास्टिक के ख़ात्मा करने का आवाहन किया। किसान भाइयों से कैमिकल फर्टिलाइजर का प्रयोग कम करने के लिए निवेदन किया।दशकों बाद आज किसी नेता ने परिवार नियोजन की बात की और स्पष्ट कहा कि जब तक आने वाले शिशु का पूरा प्रबंध किसी के पास न हो तो परिवार नियोजित रखना उसकी ज़िम्मेदारी होगी। आर्थिक क्षेत्र में देश को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने पर्यटन पर विशेष बल देते हुए समृद्ध परिवारों से आग्रह किया कि वे देश के पर्यटन स्थलों पर जाए जिससे इन क्षेत्रों को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने माइक्रो स्तर के उद्योगों के हाथ और छोटी मशीनों से काम करने वालों के फलने फूलने की बात कही।मोदी ने पाँच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के ध्येय को दोहराया। एक बात अवश्य खटकने वाली थी कि गिरती हुई वर्तमान अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने के लिए घरेलू इन्वेस्टमेंट, फॉरेन इन्वेस्टमेंट या किसी बड़े आर्थिक निर्णय की कोई चर्चा नहीं की। फ़िलहाल इस संबंध में सरकार किंकर्तव्यविमूढ़ दिख रही है। देश मोदी से क्रांतिकारी आर्थिक सुधारों की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहा है ।

मोदी का आत्मविश्वास आज पूरी तरह जागृत था । उन्होंने अपने तरीक़े से अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया, अपनी भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला और इन बातों को इस तरह रखा जिसे भारत का अंतिम व्यक्ति भी समझ सके। इस परिप्रेक्ष्य में मोदी ने लाल किले को देश की राष्ट्रीय पाठशाला बना दिया है।

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