देश की व्यवसायिक राजधानी और महाराष्ट्र की मूल राजधानी मुंबई में खसरे की बिमारी से हाहाकार मच गया है। मुंबई के आठ वार्डो में खसरे के संक्रमण के सर्वाधिक मामले पाए जा रहे हैं, जिनमें गोवंडी और उसके नजदीकी इलाकों में इस बीमारी का सर्वाधिक असर देखा जा रहा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के द्वारा मुंबई में खसरे के इन बढ़ते मामलों को देखते हुए एक्शन मोड़ लागू कर दिया है। खसरे के नए मामलों के सामने आने के बाद अब शहर में खसरे के कुल संदिग्ध मरीजों की संख्या 1,263 हो गई है, इनमें 647 मरीज छोटे बच्चे बताए जा रहे हैं, जिनकी उम्र 1 से 4 वर्ष के बीच बताई गई है।

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बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) हुई अलर्ट

खसरे की बीमारी को नियंत्रित करने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने कई अस्पतालों में खसरे के संदिग्ध रोगियों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाए हैं। चिंचपोकली में कस्तूरबा अस्पताल में 5 वेंटिलेटर के अलावा सर्वाधिक 83 बेड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुंबई में खसरा के कारण 7 संदिग्ध मौत और संक्रमण के 164 मामले सामने आने के बाद राज्य में अलर्ट भी जारी किया गया है। खसरे की बीमारी में रोगी को बुखार के साथ ही शरीर पर कई दाने भी उभर आते हैं। मुंबई में खसरे के इस तेजी से बढ़ते मामले को देखते हुए राज्य सरकार भी अलर्ट में आ चुकी है।

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संक्रामक है खसरा

उल्लेखनीय है कि खसरा भारत में एक काफी पुरानी बिमारी है, जिसके लिए हमारे भारत देश में टीकाकरण भी वर्षो से किया जा रहा है। गौरतलब है कि खसरे का रोग एक संक्रामक रोग है, जिसमें खसरे के लक्षण वाले व्यक्ति के छींकने या फिजिकल कॉन्टेक्ट से ये अन्य व्यक्ति को भी खसरे का संक्रमण कर सकता है। उल्लेखनीय है कि खसरे के संक्रमण का सर्वाधिक खतरा छोटे बच्चों में होता है।