Breaking News

वाराणसी से नहीं मिला टिकट तो यहां से संसद पहुंचने की तैयारी में प्रियंका

Posted on: 27 Apr 2019 12:36 by Surbhi Bhawsar
वाराणसी से नहीं मिला टिकट तो यहां से संसद पहुंचने की तैयारी में प्रियंका

प्रियंका गांधी के राजनीति में उतरने के बाद से ही कांग्रेस के कार्यकर्त्ता लगातार उनके चुनाव लड़ने की मांग कर रहे थे। अटकलें लगाई जा रही थी कि प्रियंका वाराणसी से चुनाव मैदान में उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दे सकती है लेकिन जब सूची आई तो पार्टी ने अजय राय को टिकट दे दिया। इस सूची के साथ ही प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की ख़बरों पर विराम लग गया।

यहां से लड़ सकती है प्रियंका

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी और वायनाड दो लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे है। ऐसे में पार्टी सूत्रों से आ रही खबर की माने तो यदि राहुल गांधी दोनों सीटों से जीतते है तो वह अपनी परंपरागत सीट अमेठी छोड़ सकते है। इसके बाद उपचुनाव की स्थिति बनेगी और प्रियंका गांधी को यहां से चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है।

भाजपा को मिल सकता था मौका

कांग्रेस ने वाराणसी से अपने उम्मीदवार का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के पहले किया था। यदि कांग्रेस प्रियंका गांधी के चुनाव नहीं लड़ने का फैसला अब लेती तो भाजपा को एक बार फिर कांग्रेस पर हमलावर होने का मौका मिल जाता। हालांकि कांग्रेस के अजय राय को टिकट देने ले बाद भी कई तरह के सवाल उठ रहे है।

  • क्या कांग्रेस प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री जैसे मजबूत उम्मीदवार के खिलाफ योग्य नहीं देख पाई?
  • क्या कांग्रेस प्रियंका गांधी के पहले ही चुनाव में संभावित हार से डरी हुई है?
  • क्या राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया नहीं चाहते थे कि प्रियंका पहला चुनाव हारे?

भाजपा के प्रत्याशी से हुई थी अजय राय के राजनीतिक सफ़र की शुरुआत

अजय राय के राजनीतिक सफ़र की शुरुआत 1996 में भाजपा के प्रत्याशी के तौर पर की थी। इस दौरान उन्हें उत्तर प्रदेश में विधानसभा उम्मीदवार बनाया और उन्होंने जीत दर्ज की थी। इसके बाद अजय राय सपा में शामिल हो गए और 2009 लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन जीत नहीं सके। इसके बाद वह कांग्रेस में शामिल हो और 2012 में विधायक बने।

लोकसभा चुनाव 2014 में अजय राय ने वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ताल ठोका लेकिन सफल नहीं हो पाए। इस दौरान उन्होंने नरेंद्र मोदी को बाहरी और अरविंद केजरीवाल को भगोड़ा करार दिया था लेकिन उनका ये दांव काम नहीं आया। इस चुनाव में उन्हें महज 75 हजार वोट ही मिल सके थे।’

वाराणसी सीट का समीकरण

वाराणसी लोकसभा सीट पर सांतवें चरण में वोट डाले जाएंगे। इस सीट पर जातीय समीकरण की बात करें तो यहां निर्णायक भूमिका में ब्राह्मण, वैश्य और कुर्मी मतदाता है। इस सीट पर करीब तीन लाख वैश्य, ढाई लाख कुर्मी, ढाई लाख ब्राह्मण, तीन लाख मुस्लिम, 1 लाख 30 हजार भूमिहार, 1 लाख congre, पौने दो लाख यादव, 80 हजार चौरसिया, एक लाख दलित और एक लाख के करीब अन्य ओबीसी मतदाता हैं।

 

 

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com