महापौर की कलम🖋️ से

पान-गुटखे का लाल दाग, इंदौर की खूबसूरती में लगाता है दाग,
हर इंदौरी से हमारा आह्वान, आओ चलाये अब “नो थू-थू अभियान”

हमारे इंदौर शहर के बारे में जब भी कहीं कोई चर्चा होती है, सबके मन-मस्तिष्क में “स्वच्छ इंदौर” की छवि बरबस ही उभर जाती है। इस छवि के पीछे हमारे स्वच्छता कर्मियों की अथक मेहनत, हमारे शहर की जागरूक जनता के प्रयास है, जिनके दम पर हमने लगातार छह वर्षों से स्वच्छता में अपना पहला स्थान अर्जित किया है। हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी कई बार अंतरराष्ट्रीय मंचों से इंदौर शहर के स्वच्छता मॉडल की तारीफ की है। विदेशों से आये हुए कई जनप्रतिनिधियों के द्वारा हमारे शहर इंदौर की खुले दिल से प्रशंसा की गई है।

मित्रों! इन उपलब्धियों पर निश्चित ही हमें गर्व है, किन्तु अब हमें स्वच्छता की रेस में नम्बर 1 आने के लिए और बेहतर प्रयास करने की आवश्यकता है, ताकि हम हमारा प्रथम स्थान सुनिश्चित करने के साथ ही अन्य शहरों को भी नित नये प्रतिमानों से आश्चर्यचकित कर पाएं। इसके लिए हमने स्वच्छता के लिए अत्यंत आवश्यक पहलू पर ध्यान आकर्षित किया है, संभवत: आपने भी इस बात पर गौर किया होगा कि शहर के चौराहों के आसपास की जगह, डिवाइडर, सड़क के साइड की दीवारें, सरकारी भवनों की दीवारों को शहर के कुछ लोगों द्वारा रंगा जा रहा है। ये रंगाई करने वाले कोई कलाकर नही है अपितु ये गुटखा, पाउच एवं पान खाने वाले लोग है। ये लोग शहर के डिवाइडरों के काले-पीले रंगों को लाल रंग में तब्दील करने में लगे हुए हैं। इन्हें न तो खुद की सेहत की फ़िक्र है और न ही हमारे शहर की स्वच्छता की फ़िक्र है।

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साथियों! ये गुटखा और पाउच हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होते हैं, इन व्यसनों की आदत धीरे- धीरे हमें शारीरिक रूप से कमजोर करते हुए मृत्युशैया की ओर ले जाती है। गैर-संचारी रोग (एनसीडी) जैसे कि इस्कीमिक हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, पुरानी सांस की बीमारियां इत्यादि तंबाकू के सेवन से विश्व स्तर पर होने वाली मृत्यु का प्रमुख कारण हैं। डब्ल्यूएचओ के डेटा द्वारा यह स्पष्ट है कि तंबाकू का सेवन करने वाले लगभग छह लाख लोगों की मृत्यु प्रतिवर्ष होती हैं, जबकि अप्रत्यक्ष तंबाकू के सेवन के परिणामस्वरूप साठ लाख लोगों की मृत्यु होती हैं। तंबाकू के कारण हर छह सेकंड में एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती हैं। अतः यह अत्यंत आवश्यक है कि समय रहते इन आदतों से किनारा कर लिया जाए, ताकि हम स्वस्थ जीवन जी सकें।

मित्रों! इन गुटखा, पाउच एवं पान खाने वाले लोगों को अब हमने “ना” कहने का अभियान प्रारम्भ कर दिया है, जिसकी परिणति के रूप में शहर को “रेड स्पॉट मुक्त” करने के दृढ़ संकल्प के साथ 19 स्थानों पर 05 दिसम्बर से “नो थू-थू अभियान” का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया जायेगा कि वे शहर को स्वच्छ बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखें कि चौराहों के आसपास की जगह, डिवाइडर, सड़क के साइड की दीवारें, सरकारी भवनों की दीवारों को कोई पीक थूककर गंदा न करें। एक जागरुक नागरिक के रूप में शहर के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने घर, मोहल्ले, शहर, राज्य, देश एवं विश्व को स्वच्छ बनाने में योगदान दें।

साथियों! आगामी कुछ ही समय में इंदौर शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई ऐतिहासिक आयोजन जैसे कि प्रवासी भारतीय सम्मलेन, ग्लोबल इन्वेस्टर समिट, G-20 की बैठक आदि होने जा रहे हैं,  यह हमारा नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है कि हम इन मेहमानों के सामने एक ऐसे स्वच्छ शहर की मजबूत छवि प्रस्तुत करे जिसको वो स्वच्छ तो देखें ही सही, साथ ही साथ चौराहों के आसपास की जगह, डिवाइडर, सड़क के साइड की दीवारें, सरकारी भवनों की दीवारों को भी वे अपने वास्तविक रंगों में ही देखें।

मित्रों! हमें इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखना है कि हमारी नजरों के सामने कोई भी व्यक्ति गुटखा, पाउच एवं पान खाकर हमारे शहर को गंदा न करे। मुझे पूर्ण विश्वास है कि पूर्व की तरह ही आप इस मुहीम में भी हमारा साथ देकर शहर को स्वच्छ एवं “रेड स्पॉट मुक्त” करने के क्रम में “नो थू-थू अभियान” को सार्थक बनायेंगे।