क्या आपकी सैलरी में होगा बदलाव? सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केंद्र सरकार को 4 महीने में करना होगा निर्णय

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By Praveen ShuklaPublished On: January 6, 2026

कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से जुड़ी वेतन सीमा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को चार महीने के भीतर वेतन सीमा में संशोधन पर निर्णय लेने को कहा है। यह आदेश उस याचिका पर दिया गया, जिसमें मौजूदा वेतन सीमा को अव्यावहारिक और सामाजिक सुरक्षा के उद्देश्य के खिलाफ बताया गया था।

यह याचिका डॉ. नवीन प्रकाश नौटियाल द्वारा दायर की गई थी, जिस पर जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने सुनवाई की। अदालत ने याचिकाकर्ता को दो सप्ताह के भीतर आदेश की कॉपी के साथ विस्तृत प्रतिनिधित्व केंद्र सरकार को सौंपने का भी निर्देश दिया है, ताकि इस मुद्दे पर ठोस फैसला लिया जा सके।
वर्तमान में EPF के लिए न्यूनतम वेतन सीमा 15,000 रुपये प्रति माह तय है, जो सितंबर 2014 से अब तक बदली नहीं गई है। याचिका में दलील दी गई कि महंगाई, न्यूनतम मजदूरी और प्रति व्यक्ति आय में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद वेतन सीमा में कोई संशोधन नहीं हुआ, जिससे 15,000 रुपये से थोड़ा अधिक कमाने वाले कई कर्मचारी EPF कवरेज से बाहर हो गए हैं।

याचिका में यह भी बताया गया कि लोक लेखा समिति ने अपनी रिपोर्ट में वेतन सीमा की नियमित समीक्षा की सिफारिश की थी। समिति के अनुसार, निचले और मध्यम वर्ग के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से बाहर रखना उनके मूल उद्देश्य को कमजोर करता है। हालांकि, जुलाई 2022 में सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने इन सिफारिशों को मंजूरी दी थी, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अब तक अंतिम फैसला नहीं लिया गया था।