अधिकारियों-कर्मचारियों की दक्षता पर योगी सरकार का फोकस, सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग होगी अनिवार्य

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By Abhishek SinghPublished On: January 7, 2026

अधिकारियों और कर्मचारियों की दक्षता में सुधार के उद्देश्य से कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम को अनिवार्य किया जाएगा। यह सात दिवसीय प्रशिक्षण होगा और इसे कर्मचारियों की पदोन्नति तथा वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कार्ययोजना की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने नव प्रशिक्षणार्थियों की कार्यकुशलता में वृद्धि के लिए सभी प्रशिक्षण केंद्रों हेतु कैपेसिटी बिल्डिंग के समर्पित पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सभी विभागों और सरकारी संस्थाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा को अनिवार्य रूप से शामिल करने पर जोर दिया। सीएम ने कहा कि प्रत्येक विभाग और संस्था अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित कर भारत सरकार के ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म आईगॉट पोर्टल पर अपलोड करे।

कैपेसिटी बिल्डिंग पर रखी गई विस्तृत कार्ययोजना

बैठक के दौरान कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की अध्यक्ष एस. राधा चौहान ने उत्तर प्रदेश में मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक दूरदर्शी और परिवर्तनकारी पहल है, जिसका लक्ष्य वैश्विक सोच के साथ भारतीय संस्कृति के मूल्यों को समाहित करते हुए ऐसे दक्ष मानव संसाधन विकसित करना है, जो राष्ट्र के विकास को गति प्रदान करें।

कार्य-आधारित और व्यावहारिक कोर्स

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मिशन कर्मयोगी के तहत चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता, सतत मूल्यांकन और उनकी व्यावहारिक उपयोगिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में कार्यरत अभियंताओं को नवीन डिजाइन और आधुनिक तकनीकों का समुचित प्रशिक्षण मिले, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही निर्देश दिए गए कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पुलिस कांस्टेबल, पंचायती राज संस्थाओं तथा नगरीय निकायों से जुड़े फील्ड कर्मचारियों के लिए आवश्यकता-आधारित, कार्योन्मुख और व्यवहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाए।