नए साल की शुरुआत के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सक्रिय नजर आए। दबंगों द्वारा मकान कब्जाने से पीड़ित पूर्व सैनिक की बेटी अंजना की शिकायत सामने आते ही मुख्यमंत्री ने मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया।
महज 24 घंटे के भीतर अंजना को उसका घर वापस दिलाया गया और पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। न्याय मिलने पर भावुक हुई अंजना की आंखों से आंसू बह निकले और उसने कहा— “थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू।”
मुख्यमंत्री से मांगी मदद
बुधवार को अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी पूरी आपबीती साझा की। पीड़िता ने बताया कि चंदौली निवासी बलवंत यादव ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसके मकान पर कब्जा कर लिया और वहां बलवंत कुमार के नाम का बोर्ड भी लगा दिया। अंजना ने बताया कि उसने 6 दिसंबर को स्थानीय थाने में आवेदन देकर मकान खाली कराने की मांग की थी, लेकिन जब कार्रवाई में देरी हुई तो उसने मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी पीड़ा रखी, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई।
मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही प्रशासन और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। नए साल के पहले ही दिन अंजना की समस्या का समाधान कर दिया गया। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद उसका मकान उसे वापस सौंपा गया, जिससे अंजना के चेहरे पर राहत और विश्वास की झलक दिखाई दी।
पुलिस ने तुरंत कदम उठाते हुए आरोपियों बलवंत यादव और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और किसी भी प्रकार की दबंगई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









