लखनऊ के गोमती नगर स्थित सीएमएस हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया। इस दौरान नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (NMO) द्वारा संचालित ‘गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य यात्रा’ के छठे संस्करण का समापन भी हुआ।
समारोह का मुख्य आकर्षण सुलतानपुर के प्रसिद्ध सर्जन डॉ. एके सिंह का सम्मान रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें मंच पर सम्मानित करते हुए उनके सेवा भाव की सराहना की। यह सम्मान न केवल डॉ. सिंह के लिए बल्कि पूरे पूर्वांचल के चिकित्सा जगत के लिए गर्व का विषय बना है। कार्यक्रम में प्रदेश भर से सैकड़ों डॉक्टर, मेडिकल छात्र और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचाई जा रही स्वास्थ्य सेवाएं
यह स्वास्थ्य यात्रा वर्ष 2019 से लगातार आयोजित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य उन सुदूर ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है, जहां पहुंचना आम तौर पर कठिन होता है। इन क्षेत्रों में डॉक्टर नदी, पहाड़ और जंगलों के रास्ते जाकर मरीजों का इलाज करते हैं।
इस पहल के तहत सिर्फ इलाज ही नहीं किया जाता, बल्कि एक व्यवस्थित डेटाबेस भी तैयार किया जाता है। डॉक्टर गांवों में जाकर यह पता लगाते हैं कि उस विशेष क्षेत्र में कौन सी बीमारियां अधिक फैल रही हैं। इस डेटा के आधार पर न केवल तत्काल उपचार दिया जाता है, बल्कि सरकार को भी सूचित किया जाता है ताकि वहां स्थायी स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जा सकें।
सुलतानपुर चिकित्सा जगत में खुशी की लहर
डॉ. एके सिंह, जो एनएमओ (NMO) के वरिष्ठ सदस्य भी हैं, को मिले इस सम्मान पर सुलतानपुर के चिकित्सा समुदाय ने हर्ष व्यक्त किया है। जनपद के तमाम चिकित्सा संगठनों और पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है।
“संगठन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी समय-समय पर स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से सुदूर क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देते हैं। डॉ. एके सिंह को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होते देखना हम सभी के लिए गर्व की बात है।” — डॉ. एएन सिंह, जिला अध्यक्ष, नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन
नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन के स्थानीय पदाधिकारियों ने भी डॉ. सिंह की उपलब्धि को संगठन की सामूहिक सफलता बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान से चिकित्सकों का मनोबल बढ़ता है और वे समाज सेवा के प्रति और अधिक समर्पित होते हैं।
सरकार की भूमिका और भविष्य की योजनाएं
इस यात्रा के माध्यम से जो रिपोर्ट तैयार होती है, उस पर सरकार सक्रियता दिखाती है। जिन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव पाया जाता है, वहां प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं। यह कार्यक्रम सरकार और निजी चिकित्सकों के बीच समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहा है, जिससे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को स्वास्थ्य लाभ मिल सके।












