25 हजार युवाओं को 200 कंपनियों में मिलेगी नौकरी, सीएम योगी करेंगे रोजगार मेले का उद्धघाटन

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By Raj RathorePublished On: April 11, 2026
yogi adityanath

उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कौशल विकास मिशन के तहत 13 अप्रैल को मुजफ्फरनगर में वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों युवाओं को नौकरी पाने का मौका मिलेगा।

इस मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री Yogi Adityanath करेंगे। खास बात यह है कि इसमें देशभर की बड़ी कंपनियां हिस्सा लेंगी और बड़े स्तर पर भर्ती की जाएगी।

200 कंपनियां देंगी 25 हजार नौकरियां

साकेत स्थित आईटीआई में आयोजित प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने बताया कि इस रोजगार मेले में करीब 200 कंपनियां हिस्सा लेंगी। इन कंपनियों के पास कुल 25 हजार से ज्यादा वैकेंसी होंगी, जिन पर युवा अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकेंगे।

इस मेले में मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडल के युवा बड़ी संख्या में भाग लेंगे।इसके अलावा अन्य क्षेत्रों से आने वाले युवाओं को भी अवसर दिया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल सके।

21 सेक्टर की कंपनियां रहेंगी मौजूद

अधिकारियों के अनुसार मेले में हेल्थ, फैशन डिजाइनिंग समेत कुल 21 अलग-अलग सेक्टर की कंपनियां शामिल होंगी। इससे युवाओं को अपनी डिग्री, डिप्लोमा और स्किल के अनुसार नौकरी चुनने का मौका मिलेगा।

रोजगार मेले में भाग लेने के लिए क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है। युवा घर बैठे ही अपना पंजीकरण कर सकते हैं और मेले में शामिल होकर इंटरव्यू दे सकते हैं।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे मेले

इस तरह के बड़े रोजगार मेले पहले लखनऊ, वाराणसी और झांसी मंडल में आयोजित किए जा चुके हैं, जहां हजारों युवाओं को नौकरी मिली थी। अब मुजफ्फरनगर में होने वाला यह मेला भी युवाओं के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है।

मेरठ मंडल से करीब 2600 युवा इस मेले में भाग लेंगे। इसमें मेरठ से 1200, गाजियाबाद से 500, हापुड़ से 300, बुलंदशहर से 300 और बागपत से 300 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
साथ ही मेले में मेरठ मंडल की करीब 50 कंपनियां भी हिस्सा लेंगी, जिनमें 6922 पदों पर भर्ती की जाएगी।

अधिकारियों ने बनाई रणनीति

रोजगार मेले को सफल बनाने के लिए आईटीआई साकेत में बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता संयुक्त निदेशक मनोज सिंह ने की। बैठक में ज्यादा से ज्यादा युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाई गई और सभी आईटीआई प्रधानाचार्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई।