मध्यप्रदेश में एक बार फिर से झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल समेत इंदौर, गुना, उज्जैन, दमोह, खजुराहो, मंडला, शाजापुर, आगर-मालवा, रायसेन और धार जिलों में दिन-रात लगातार तेज बरसात दर्ज की गई। बारिश के चलते कई इलाकों में पानी भर गया और जनजीवन प्रभावित हुआ। उज्जैन में तो स्थिति और गंभीर हो गई है क्योंकि यहां की जीवनदायिनी क्षिप्रा नदी उफान पर आ गई है और कई घाट पूरी तरह डूब चुके हैं।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा शामिल हैं। यहां येलो अलर्ट लागू किया गया है। वहीं भोपाल, विदिशा, राजगढ़, रायसेन, सीहोर, देवास, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, रीवा, शहडोल, सतना और जबलपुर समेत 40 से ज्यादा जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय मानसून ट्रफ शिवपुरी और दमोह से गुजरते हुए एक लो-प्रेशर एरिया से जुड़ा हुआ है। यह तंत्र बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है, जिसके चलते नमी की आपूर्ति लगातार हो रही है। विभाग का अनुमान है कि 28 अगस्त से लेकर 1 सितंबर तक यानी करीब 100 घंटे प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश की भी संभावना है।
बारिश से बिगड़ा जनजीवन
पिछले 24 घंटों में सिवनी, रतलाम, छिंदवाड़ा, भोपाल, इंदौर, सागर, धार, उज्जैन, श्योपुर और खंडवा जिलों में झमाझम बारिश हुई। उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है और इसके कारण घाटों पर बने मंदिर जलमग्न हो गए हैं। इंदौर में गांधीनगर मेट्रो स्टेशन के पास मुख्य सड़क पर करीब 1.5 फीट पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। वहीं रायसेन और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश से निचली बस्तियों और सड़कों पर पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।