महाकाल भस्म आरती की दर्शन व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव, अब बुकिंग के साथ तय होगा बैठने का स्थान

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By Raj RathorePublished On: August 30, 2025

मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में जल्द ही भस्म आरती के दौरान दर्शन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए जाने की तैयारी है। अभी तक श्रद्धालुओं को केवल बुकिंग की जानकारी दी जाती थी, लेकिन आगे से उन्हें बुकिंग के साथ यह भी पता चलेगा कि आरती के समय वे किस स्थान पर बैठेंगे। मंदिर समिति इसके लिए एक नई वर्चुअल प्रणाली लागू करने जा रही है, जिसमें हर श्रद्धालु को बुकिंग के साथ सीट नंबर जैसा कोड जारी किया जाएगा।


हर दिन तड़के 4 बजे होती है भस्म आरती

महाकाल मंदिर की भस्म आरती देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में विख्यात है। यह आरती प्रतिदिन सुबह 4 बजे संपन्न होती है और इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश-विदेश से आते हैं। फिलहाल मंदिर प्रशासन प्रतिदिन करीब 1700 भक्तों को भस्म आरती में शामिल होने की अनुमति देता है। इन श्रद्धालुओं को नंदी मंडपम्, गणेश मंडपम् और कार्तिकेय मंडपम् में बैठने की व्यवस्था की जाती है। लेकिन, अब तक उन्हें यह जानकारी पहले से नहीं होती कि उन्हें किस मंडप में और किस स्थान पर बैठाया जाएगा।

धक्का-मुक्की और विवाद से मिलेगी राहत

अब तक की व्यवस्था में अक्सर भक्तों और प्रबंधन के बीच विवाद की स्थिति बन जाती थी। कई बार मंदिर में प्रवेश करने के बाद श्रद्धालु आगे बैठने की होड़ में आपस में धक्का-मुक्की करने लगते थे। इस कारण प्रबंधन को परेशानी का सामना करना पड़ता था और कई बार माहौल बिगड़ जाता था। नई प्रणाली लागू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी, क्योंकि श्रद्धालु को पहले ही मालूम होगा कि उसे किस स्थान पर बैठना है।

‘पहले आवेदन, पहले स्थान’ के सिद्धांत पर आधारित होगी व्यवस्था

मंदिर समिति अब “प्रथम आओ, प्रथम पाओ” के सिद्धांत पर नई सीटिंग व्यवस्था लागू करने जा रही है। जो श्रद्धालु सबसे पहले भस्म आरती के लिए आवेदन करेगा, उसे आगे की पंक्ति में बैठने का मौका मिलेगा। इसके बाद बुकिंग के क्रम में श्रद्धालुओं को पीछे की सीटें मिलेंगी। इससे वह धारणा भी टूट जाएगी कि केवल वीआईपी लोग ही आरती के दौरान सबसे आगे बैठते हैं। अब हर सामान्य श्रद्धालु को भी आवेदन के क्रम के आधार पर आगे की पंक्ति में बैठने का अवसर मिल सकता है।

कलेक्टर ने दी जानकारी

उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि मंदिर प्रशासन भस्म आरती की नई व्यवस्था पर काम कर रहा है। इसमें बुकिंग करने वाले श्रद्धालु को टिकट या अनुमति पत्र के साथ यह स्पष्ट जानकारी भी मिल जाएगी कि उन्हें कहां बैठाया जाएगा। इस तरह की पारदर्शी प्रणाली से व्यवस्था अधिक सुचारू और विवाद रहित होगी। इसके अलावा, मंदिर में कई अन्य तकनीकी नवाचार भी किए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा दी जा सके।