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इस महीने खत्म हुआ लॉकडाउन तो जुलाई तक देश में होगा कोरोना का खतरनाक रूप!

नई दिल्ली : कोरोना वायरस देशभर में तेजी से फैलता जा रहा है. देश में कई दिनों के लॉकडाउन के बाद भी कोरोना के नए मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. ऐसे में कहा जा रहा है कि अगर लॉकडाउन इस महीने का अंत खत्म हो भी गया तो क्या कोरोना से मुक्ति मिल पाएगी या फिर कोरोना का कहर अपनी चरम सीमा के बाहर चला जाएगा.

विशेषज्ञ ने किया ये दावा-

एक विशेषज्ञ ने दावा किया है कि अगर देश में लॉकडाउन को इस महीने के अंत तक खत्म कर दिया गया तो भी कोरोना संक्रमण मामलों चरम पर पहुंचने में जुलाई के मध्य तक का समय लगेगा। विशेषज्ञ ने कहा कि चरम पर पहुंचने के बावजूद देश में पिछले दो महीने के दौरान किए गए रोकथाम के मजबूत उपायों के कारण संक्रमण के मामलों में ‘मामूली बढ़ोतरी’ ही दिखाई देने की संभावना है.

पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रोफेसर डॉ. आर. बाबू ने कहा, “वैश्विक स्तर के मुकाबले देश में कोविड-19 (कोरोना वायरस) से मरने वालों का चार्ट निश्चित तौर पर फिलहाल नीचे की तरफ जा रहा है। डब्लूएचओ के साथ करीब छह साल तक काम कर चुके डॉ. बाबू कर्नाटक में पोलियो संक्रमण के ट्रांसमिशन पर काबू करने के लिए जिम्मेदार रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इसका मतलब है कि देश में वायरस स्थानांतरण पर बहुत हद तक काबू किया गया है।”

उन्होंने आगे कहा कि, “अगर आप 30 मई को लॉकडाउन हटाते हैं तो हम जुलाई मध्य के करीब संक्रमण की पीक पर होंगे, क्योंकि इसके लिए आपको तीन इंक्यूबेशन पीरियड से गुजरना होगा, जो करीब डेढ़ महीना बैठता है। इतना समय यह जानने के लिए पर्याप्त होगा कि नियंत्रित नहीं किए जाने की स्थिति में यह बीमारी कैसे फैलती है।”

उन्होंने कहा, “यह कहना जल्दबाजी होगा, लेकिन अब भारत में अनियंत्रण जैसा कभी कुछ नहीं होगा, क्योंकि यदि आप लोगों को आज भी आजाद कर देते हैं तो वे वायरस फोबिया के कारण उन कामों को नहीं करेंगे, जिन्हें वे करते थे।  ऐसे में हमारे पास संक्रमितों की उछाल उस स्थिति के मुकाबले कम रहने की संभावना है, जो स्थिति शुरुआत में ही कुछ नहीं किए जाने से बन सकती थी।”