टाटानगर रेलवे स्टेशन को बड़ी सौगात, ₹383.78 करोड़ के वंदे भारत डिपो को मिली अंतिम मंजूरी

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By EditorPublished On: September 18, 2026

 जमशेदपुर
लौहनगरी के टाटानगर रेलवे स्टेशन को देश के प्रमुख हाई-स्पीड रेल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है।

रेलवे बोर्ड ने टाटानगर में 383.78 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक 'वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो' के निर्माण को अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के प्रोजेक्ट एंड डेवलपमेंट निदेशक सुमित कुमार ने आधिकारिक मंजूरी पत्र सांसद को प्रेषित कर दिया गया है।

संसद सत्र के दौरान चार बार की थी रेल मंत्री से मुलाकात
टाटानगर में वंदे भारत कोच डिपो की स्थापना के लिए सांसद बिद्युत बरण महतो लंबे समय से प्रयासरत थे। हाल ही में संपन्न संसद सत्र के दौरान उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के निदेशकों और वरीय अधिकारियों से लगभग चार बार मुलाकात कर इस मेगा प्रोजेक्ट की स्वीकृति का पुरजोर आग्रह किया था।

दक्षिण पूर्व रेलवे (चक्रधरपुर मंडल) द्वारा भेजे गए तकनीकी प्रस्ताव की समीक्षा के बाद बोर्ड ने परियोजना पर अंतिम मुहर लगा दी।

लोको कॉलोनी में बनेगा अत्याधुनिक हाईटेक यार्ड स्वीकृत योजना के तहत टाटानगर के पुराने कोचिंग डिपो का विस्तार करते हुए लोको कॉलोनी क्षेत्र में नया मेंटेनेंस यार्ड तैयार किया जाएगा।

यह डिपो सेमी-हाई-स्पीड वंदे भारत चेयरकार व स्लीपर ट्रेनों के तकनीकी परीक्षण, नियमित रखरखाव और त्वरित
वॉशिंग के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा।

वर्तमान में टाटानगर से पटना और ब्रह्मपुर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित हो रही है। आधुनिक मेंटेनेंस डिपो बनने से टाटानगर से नई दिल्ली, मुंबई, जयपुर और बेंगलुरु जैसे महत्वपूर्ण शहरों के लिए नई वंदे भारत ट्रेनों के परिचालन की बाधा पूरी तरह दूर हो जाएगी

चार नए प्लेटफॉर्म और रोजगार के नए अवसर
सांसद महतो ने बताया कि डिपो के साथ-साथ उन्होंने टाटानगर स्टेशन पर दबाव कम करने के लिए गति शक्ति योजना के तहत 482 करोड़ रुपये की लागत से चार अतिरिक्त रेलवे प्लेटफॉर्म और लूप लाइनों के निर्माण का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड के समक्ष रखा है।

योजना की स्वीकृति पर सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक और चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम का आभार जताया है।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना से चक्रधरपुर रेल मंडल में औद्योगिक व तकनीकी विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे।