भोपाल : प्रदेश की पूरी ग्रामीण आबादी को शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था किए जाने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयास तेजी से जारी हैं। नल कनेक्शन से हर घर में पेयजल की आपूर्ति किए जाने के लिए पीएचई विभाग और जल निगम द्वारा जलसंरचनाओं की स्थापना एवं विस्तार के कार्य किए जा रहे हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा उज्जैन संभाग में 365 जलप्रदाय योजनाओं का कार्य जारी है। जलप्रदाय योजनाओं की लागत 300 करोड़ 09 लाख 58 हजार रूपये है, जिनमें उज्जैन जिले की 78, देवास 68, शाजापुर 43, आगर-मालवा 28, रतलाम 84 मंदसौर 42 तथा नीमच की 22 जलसंरचनायें शामिल हैं। इन जिलों के विभिन्न ग्रामों में पूर्व से निर्मित पेयजल अधोसंरचनाओं को नये सिरे से तैयार कर रेट्रोफिटिंग के अन्तर्गत भी कार्य किये जा़ रहा हैं।
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जल जीवन मिशन के तहत जलप्रदाय योजनाओं में जहाँ जलस्त्रोत हैं, वहाँ उनका समुचित उपयोग कर आसपास के ग्रामीण रहवासियों को पेयजल प्रदाय किया जायेगा। ऐसे ग्रामीण क्षेत्र जहाँ जलस्त्रोत नहीं हैं वहाँ जलस्त्रोत निर्मित किए जायेंगे। समूची ग्रामीण आबादी के लिए यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से दिसम्बर 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
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मध्यप्रदेश जल निगम भी उज्जैन संभाग के 38 ग्रामों में नल कनेक्शन के जरिये जल उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है। उज्जैन तथा रतलाम जिलों के इन ग्रामों में 10 हजार 608 नल कनेक्शन दिए जाना प्रस्तावित हैं और इससे 48 हजार से अधिक ग्रामीण आबादी को लाभ पहुँचेगा।