मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक अनूठी पहल करते हुए अपने छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव का विवाह भव्य और खर्चीले समारोहों के बजाय एक सामूहिक कन्या विवाह कार्यक्रम में संपन्न कराया। यह कदम डेस्टिनेशन वेडिंग और शाही आयोजनों के दौर में सादगी और सामाजिक समरसता का एक बड़ा संदेश दे रहा है, जिसकी देशभर में सराहना हो रही है।
यह विवाह समारोह उस वक्त और भी चर्चा में आ गया, जब मंच पर मौजूद योग गुरु बाबा रामदेव ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विवाह को लेकर टिप्पणी कर दी, जिसके बाद हंसी-ठहाके गूंज उठे।
धीरेंद्र शास्त्री की शादी
शादी समारोह में शामिल हुए धीरेंद्र शास्त्री ने सीएम के बेटे-बहु को आशीर्वाद देते हुए कहा कि मेरे अतिप्रिय और यशस्वी मुख्यमंत्री अपने बेटे की शादी यहां कर रहे हैं, तो इससे बड़ी-बड़ी जगहों पर डेस्टिनेशन वेडिंग कर लाखों-करोड़ों खर्च करने वालों का भी खर्चा बचेगा। एक नया चलन शुरू होगा और लोग कहेंगे कि मैं भी अपने बच्चे का विवाह सामूहिक कन्या विवाह समारोह में कराऊंगा।
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धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि इसका मतलब यह नहीं कि आप लोग कहने लगें कि “आप भी कर लो,” उनके इतना बोलते हुए वहां मौजूद सभी लोग ठहाके लगाने लगते है। इसी बीच बाबा रामदेव उठते है और बोलते है कि “चिंता मत करो महाराज, आपका विवाह भी यहीं सामूहिक कन्या विवाह समारोह में कराएंगे।”
सादगी की मिसाल
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने बेटे की शादी के लिए किसी बड़े होटल या रिसॉर्ट को नहीं, बल्कि एक ऐसे मंच को चुना जहां कई अन्य बेटियों का भी विवाह हो रहा था। इस फैसले ने उन्हें आम जनता से सीधे तौर पर जोड़ दिया है। राजनीतिक गलियारों में जहां बड़े नेताओं के बच्चों की शादियों में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, वहीं सीएम यादव का यह कदम एक नई परंपरा की शुरुआत माना जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य समाज में फिजूलखर्ची को रोकने और सादगीपूर्ण विवाह को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों ने सीएम के इस निर्णय की जमकर तारीफ की और इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।










