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20 लाख करोड़ का पैकेज, लेकिन सरकार ने दिया 21 लाख करोड़ का हिसाब

नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई को 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था। अर्थव्यवस्था को रफ़्तार देने के लिए घोषित किए गए इस पैकेज की विस्तृत जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पांच दिनों में 13 से 17 मई तक दी। सरकार की ओर से नए-पुराने ऐलान को मिलाकर कुल 20,97,053 करोड़ रुपये का ब्योरा दिया गया है।

पहली क़िस्त

13 मई को पहली प्रेस कांफ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5,94,500 करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर पैकेज का ऐलान किया। इसमें से 3 लाख करोड़ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग को जाएंगे।

बिजली वितरण कंपनियों की मदद के लिए इमरजेंसी लिक्विडिटी 90 हजार करोड़ रुपये दी जाएगी। इसके अलावा दबाव में चल रही एमएसएमई को लोन के लिए 20 हजार करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे। एमएसएमई के लिए फंड ऑफ फंड तक 50 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के लिए 30 हजार करोड़ की विशेष लिक्विडिटी स्कीम लाई जा रही है।

दूसरी किस्त

14 मई को दूसरी प्रेस कांफ्रेंस में वित्त मंत्री ने 3,10,000 करोड़ रुपए की दूसरी क़िस्त जारी की। इसमें प्रवासी मजदूरों को दो महीने तक मुफ्त में अनाज दिया जाएगा। इसके लिए 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुद्रा शिशु लोन के लिए 1500 करोड़ रुपए का ऐलान किया गया है। रेहड़ी पटरी वालों के लिए 5 हजार करोड़ रुपए की विशेष ऋण सुविधा होगी।

इसके अलावा हाउसिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 6-18 लाख रुपए की वार्षिक आमदनी वाले मिडिल क्लास के लिए 2017 में लाए गए हाउसिंग लोन सब्सिडी योजना को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया है। इसके लिए 70 हजार करोड़ रुपए का पैकेज दिया गया है। किसानों के लिए 30 हजार करोड़ अतिरिक्त इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल फंड नाबार्ड को दिए जाएंगे। यह नाबार्ड को मिले 90 हजार करोड़ के पहले फंड के अतिरिक्त होगा और तत्काल जारी किया जाएगा।

तीसरी किस्त

15 मई को तीसरी प्रेस कांफ्रेंस में वित्त मंत्री का फोकस पूरी तरह से किसानों पर रहा। इस दौरान वित्त मंत्री ने 1,50,000 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया। इसमें हर्बल पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 4 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे। एनिमल हसबैंड्री इन्फ्रास्ट्रक्चर डेलेवपमेंट फंड में 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। समुद्री और अंतर्देशीय मत्स्य पालन के लिए और 9 हजार करोड़ रुपए इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास में लगाया जाएगा। माइक्रो फूड इंटरप्राइज के लिए 10 हजार करोड़ की स्कीम लाई गई है।

चौथी और पांचवीं किस्त

शनिवार को चौथे प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में वित्त मंत्री ने औद्योगिक आधारभूत ढांचों का अपग्रेडेशन, कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन, एयरस्पेस मैनजमेंट, एयरपोर्ट्स, एमआरओ (मेंटनेंस, रिपेयर-ओवरहॉल), केंद्रशासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियां, अंतरिक्ष क्षेत्र और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सुधारों का ऐलान किया।

उसके बाद रविवार को सरकार ने कहा कि मनरेगा के तहत आवंटित रकम में 40 हजार करोड़ रुपए का इजाफा किया गया है। इससे प्रवासी मजदूरों को रोजगार मिलेगा। मनरेगा के तहत पहले बजट अनुमान 61 हजार करोड़ था। इसके अलावा व्यवहार्यता अंतर फंडिंग के तहत 8100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। चौथी और पांचवीं किस्त में कुल 48,100 करोड़ रुपए के ऐलान किया था।

राहत पैकेज का बाकी हिस्सा

इससे पहले भी केंद्र सरकार भारतीय रिजर्व बैंक ने कुल 9,94,403 करोड़ रुपए की राहत का ऐलान किया था। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के लिए 1,92,800 करोड़ रुपये दिए थे। जबकि 8,01,603 करोड़ रुपये आरबीआई के जरिये तमाम तरह से उपलब्ध कराए गए थे।