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एमडी नरवाल के निर्देश- संकट के दौर में पार्ट पैमेंट स्वीकार करें अधिकारी

इंदौर। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक विकास नरवाल ने मैदानी इंजीनियरों को निर्देश दिए हैं कि जन प्रतिनिधियों व उपभोक्ताओं से सतत संवाद रखा जाए। उनकी समस्याओं को समय पर हल किया जाए। आकलित खपत के बिल दिए गए हैं, यदि रीडर या उपभोक्ता सही रीडिंग दे रहा हैं तो तुरंत बिल सुधार किया जाए। बिल सुधार के मामले लंबित नहीं होने चाहिए।

प्रबंध निदेशक नरवाल शनिवार की शाम सभी जिलों के इंजीनियरों को वीडियो कान्फ्रैंस से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोराना महामारी में संकट का समय हैं, यदि कोई उपभोक्ता मजबूरी के चलते पूरा बिल चुकाने में समर्थ नहीं हैं व पार्ट में रकम अदा करना चाहता हैं तो उससे पार्ट में राशि लेकर रसीद दी जाए। नरवाल ने कहा कि संकट के समय बिजली की सतत आपूर्ति, वर्तमान समय की आपूर्ति, बिल सुधार के प्रयास, तरीकों की जानकारी उपभोक्ताओं व जन प्रतिनिधियों तक दी जाए। यदि किसी फीडर पर फाल्ट हो गया हैं तो उसकी सूचना भी वाट्सएप ग्रुप या फोन से प्रमुख उपभोक्ता या जन प्रतिनिधियों को दी जाए, ताकि मैदानी अमला उनके लिए मौके पर कार्यरत हैं, उसकी सूचना समय पर उन्हें मिलती रहे। यह छोटा सा प्रयास कंपनी की साख के लिए कारगर साबित होगा। नरवाल ने कहा कि जरूरी कार्यों के लिए मैंटेनेंस की श्रंखला जारी हैं, यह 31 मई तक पूरी कर ली जाए। मैंटेनेंस गुणवत्ता वाला हो ताकि वहां जल्दी कोई खराबी या त्रुटि सामने न आए। नरवाल ने कहा कि मैंटेनेंस समेत बिजली के सारे कार्य में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखे, लाइनों पर कार्य के दौरान झूला, हेलमेट, ग्लोब्ज आदि को पहनकर काम किया जाए।

टू-व्हीलर से बिल राशि भुगतान प्रारंभ

डायरेक्टर श्री मनोज झंवर ने बताया कि टू व्हीलर के माध्यम से बिजली के बिलों की राशि प्राप्त करने का कार्य प्रारंभ हो गया है। इसके लिए करीब 150 युवाओं ने पंजीयन कराया है। दो दिनों में सात हजार घरों से राशि प्राप्त कर ई-रसीद दी गई है। इस कान्फ्रैंस के दौरान सीजीएम  संतोष टैगोर, ईडी  गजरा मेहता, संजय मोहासे, अशोक शर्मा, डीएन शर्मा आदि ने भी विचार रखे।