मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और मजबूती को तेज करने के उद्देश्य से दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रदेश में चल रही और प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह पहल आम नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक सड़क अवसंरचना प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। वर्तमान में मध्य प्रदेश में 61 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं क्रियान्वयन में हैं। बैठक में विशेष रूप से उन लंबित परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण एवं वन मंजूरी या अन्य कारणों से प्रभावित या स्थगित हैं। इन बाधाओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि निर्माण कार्यों को शीघ्र गति दी जा सके।
सड़क विकास योजनाओं पर हुई चर्चा
समीक्षा बैठक में वर्ष 2025-26 की वार्षिक योजना के तहत प्रस्तावित और प्रगतिशील राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की स्थिति, गुणवत्ता नियंत्रण और समन्वित निगरानी पर भी विस्तृत चर्चा की गई। मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 9,300 किलोमीटर से अधिक है, जो राज्य की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास, पर्यटन विस्तार और सुरक्षित यातायात व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। बैठक में प्रदेश की भविष्य की राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, ताकि सड़क नेटवर्क को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और व्यापक बनाया जा सके।
बैठक में केंद्रीय और राज्य के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री (सड़क परिवहन एवं राजमार्ग) अजय टम्टा और हर्ष मल्होत्रा, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय डाक एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ-साथ मध्य प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और राज्य के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी उपस्थित रहे।









