नरोत्तम मिश्रा ने दतिया में मंच से दी खुली चेतावनी, बोले – मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं…

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By Raj RathorePublished On: July 16, 2026
Narottam Mishra Warning

मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के प्रचार अभियान की कमान संभालते ही अपने तीखे तेवर दिखा दिए। गुरुवार को भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित कार्यकर्ता बैठक में उन्होंने न सिर्फ पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा, बल्कि मंच से जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) को भी खुली चेतावनी दे डाली। उनके भाषण ने दतिया उपचुनाव के सियासी माहौल को और गर्मा दिया है।

बैठक के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने हाल ही में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और भाजपा कार्यालय पर हुई गोलीबारी का मुद्दा उठाया। इस पर डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भाजपा कार्यालय पर गोली चलाना और कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं।”

एसपी को मंच से चेतावनी

अपने संबोधन के दौरान डॉ. मिश्रा ने सीधे जिले के एसपी को संबोधित करते हुए कहा, “एसपी साहब, मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूं। मुझे सब याद है। आपने गाड़ियां तोड़ीं, हमारे पास इसकी डिजिटल फुटेज मौजूद है। आपको चक्काजाम खुलवाना था तो खुलवा देते, लेकिन आंसू गैस के गोले हमारे पार्टी कार्यालय तक क्यों दागे? क्या कार्यालय की बिल्डिंग सड़क पर आ रही थी?”

उन्होंने आरोप लगाया कि निर्दोष भाजपा कार्यकर्ताओं पर मामले दर्ज किए गए और उनके साथ मारपीट की गई, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

‘टिकट काटने वाले कोई और हैं’

अपने भाषण में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का समर्थन करते हुए टिकट वितरण को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “आशुतोष तिवारी में टिकट काटने की क्षमता नहीं है। टिकट काटने वाले कोई और हैं और हम चुप बैठने वाले नहीं हैं।”

उनके इस बयान को पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं और कथित भीतरघात पर परोक्ष हमला माना जा रहा है।

कार्यकर्ताओं को दिया भरोसा

डॉ. मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे किसी भी तरह की चिंता न करें। उन्होंने कहा, “कार्यकर्ताओं, तुम बिल्कुल चिंता मत करो। हम 3 तारीख तक का इंतजार कर रहे हैं। आपकी पीड़ा को देखकर ही मैं आज यहां खड़ा हूं।”

पूर्व गृह मंत्री के इन आक्रामक बयानों के बाद दतिया उपचुनाव का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। खासकर पुलिस प्रशासन पर उनके सीधे हमले और टिकट वितरण को लेकर दिए गए संकेतों ने प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।