दो दशक पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त कर उसकी जगह विकसित भारत जीरामजी (गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन, ग्रामीण) लाने को लेकर भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने समर्थन अभियान चलाने की तैयारी में हैं। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री आवास में सभी कैबिनेट मंत्रियों की एक अहम बैठक आयोजित की गई।
सूत्रों के अनुसार बैठक में मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जीरामजी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सक्रिय होने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, जिलों में एसआईआर की समीक्षा भी कराने को कहा गया। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा भी उपस्थित रहे।
जानकारी के मुताबिक मंत्रियों को कांग्रेस द्वारा जीरामजी के विरोध में चलाए जा रहे अभियान के खिलाफ जनता के बीच समर्थन जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक के बाद स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि बैठक में विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत के लक्ष्यों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया और विकसित भारत जीरामजी के प्रति जागरूकता फैलाने पर भी चर्चा हुई।
पीएम मोदी के विकसित भारत पर चर्चा
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2027 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वर्ष 2026 के लिए निर्धारित प्राथमिकताओं पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह है कि विकास योजनाओं का लाभ प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे और जनता को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। इसके लिए सरकार और संगठन मिलकर काम करेंगे और जमीनी स्तर पर जनसंपर्क एवं जागरूकता अभियान तेज किए जाएंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नए वर्ष में विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी, जिससे प्रदेश को विकास की दिशा में और आगे बढ़ाया जा सके।









