जीतू पटवारी को लगा बड़ा झटका, भाई नाना पटवारी को पुलिस ने किया गिरफ्तार, अज्ञात स्थान पर कर रही पूछताछ

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By Raj RathorePublished On: July 9, 2026
Jitu Patwari Brother Nana Patwari

कांग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को इंदौर पुलिस ने ड्रग सप्लाई से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एक ड्रग सप्लायर से पूछताछ के दौरान नाना पटवारी का नाम सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। गुरुवार दोपहर राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए अज्ञात स्थान पर ले गई।

गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने कानूनी सलाहकारों से चर्चा की। वहीं, कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के उद्देश्य से सरकार इस तरह की कार्रवाई कर रही है।

कई आपराधिक मामले

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें एक पुराने हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस समय उन पर लगभग सात साल पुराने मामले में फरार रहने का आरोप था।

साल 2025 में इंदौर के तेजाजी नगर थाने में नाना पटवारी और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता नरेंद्र मेहता ने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर धोखाधड़ी कर कब्जा करने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।

महिला से छेड़छाड़ का आरोप

नवंबर 2018 में नाना पटवारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(क) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि नाना पटवारी अपने कई साथियों के साथ कार और बाइक से उनके घर पहुंचे, जबरन घर में घुस गए और उनके साथ अभद्रता की। महिला ने यह भी आरोप लगाया था कि नाना पटवारी ने उनका हाथ बुरी नीयत से पकड़ा, जबकि उनके साथ मौजूद अन्य लोगों के पास चाकू और तलवार जैसे हथियार थे।

खुशी कूलवाल सुसाइड केस

जुलाई 2018 में इंदौर निवासी 37 वर्षीय खुशी कूलवाल ने महालक्ष्मी नगर स्थित अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जांच के दौरान पुलिस ने उनके करीबी लोगों से पूछताछ की थी, जिसमें कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी का नाम भी सामने आया था। हालांकि, उस समय पूछताछ के बाद उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी।

वर्ष 2025 में यह मामला एक बार फिर चर्चा में आया, जब पुलिस ने ड्रग कनेक्शन सहित अन्य पहलुओं को लेकर जांच शुरू की। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हाई-प्रोफाइल पार्टियों, ड्रग नेटवर्क और खुशी कूलवाल के संपर्कों के बीच कोई संबंध था या नहीं। साथ ही आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों और संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।