नए साल के स्वागत और पुराने साल की विदाई के लिए उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर प्रशासन का अनुमान है कि इस अवधि में 10 लाख से अधिक भक्त राजाधिराज महाकाल के दर्शन के लिए आएंगे। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
इसी क्रम में एक बड़ा फैसला लेते हुए मंदिर समिति ने विश्व प्रसिद्ध ‘भस्म आरती’ की ऑनलाइन बुकिंग को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है। यह व्यवस्था 25 दिसंबर से लागू हो जाएगी और नए साल के शुरुआती दिनों तक प्रभावी रहेगी।
भस्म आरती में कैसे मिलेगा प्रवेश?
मंदिर प्रशासन के अनुसार, 25 दिसंबर से भस्म आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग पूरी तरह से बंद रहेगी। जिन भक्तों को भस्म आरती में शामिल होना है, उन्हें अब ऑफलाइन प्रक्रिया का पालन करना होगा। इसके लिए श्रद्धालुओं को एक दिन पहले उज्जैन पहुंचकर मंदिर काउंटर से फॉर्म लेना होगा और उसे भरकर जमा करना होगा।
अनुमति, दर्शनार्थियों की संख्या और उपलब्ध सीटों के आधार पर ही दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।
निराश नहीं लौटेंगे भक्त
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कोई भी भक्त निराश होकर न लौटे। जिन श्रद्धालुओं को भस्म आरती में बैठने की अनुमति नहीं मिल पाएगी, उनके लिए ‘चलायमान दर्शन’ की व्यवस्था की जाएगी। इस व्यवस्था के तहत, आरती के दौरान भक्तों को एक कतार में लगातार चलते हुए दर्शन करने का मौका मिलेगा, जिससे वे आरती का हिस्सा बन सकेंगे।
मंदिर समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि साल के अंत में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बिना किसी परेशानी के बाबा महाकाल के दर्शन हो सकें। इसके लिए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।










