मध्यप्रदेश में अब आवागमन को सुगम बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश की जर्जर और खराब हो चुकी सड़कों की सूरत बदलने के लिए राज्य सरकार ने खजाना खोल दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में सड़कों की मरम्मत और निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।
कैबिनेट ने प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त (पॉटहोल-फ्री) करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इस फैसले से प्रदेशवासियों को ऊबड़-खाबड़ रास्तों और जर्जर सड़कों से जल्द ही निजात मिलने की उम्मीद है।
आवागमन होगा आसान, सुधरेगी कनेक्टिविटी
इस फैसले के तहत राज्य की पुरानी सड़कों का कायाकल्प किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की हर सड़क चिकनी और सपाट हो, ताकि आम जनता को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। बरसात के मौसम में और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण कई प्रमुख मार्गों की हालत खस्ता हो चुकी थी, जिससे न केवल समय बर्बाद होता था बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था।
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दे रही है। यह राशि सड़कों के रिनोवेशन, मजबूतीकरण और मरम्मत कार्यों पर खर्च की जाएगी।
बुनियादी ढांचे पर सरकार का फोकस
सरकार की योजना के मुताबिक, इस फंड का इस्तेमाल राज्य राजमार्गों, जिला मार्गों और ग्रामीण सड़कों को सुधारने में किया जाएगा। इससे न केवल शहरों के बीच की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों से मंडियों और अस्पतालों तक की पहुंच भी आसान हो जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से सड़कों की बदहाली की शिकायतें आ रही थीं। विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरता रहा है। ऐसे में 10 हजार करोड़ रुपये का यह बजट सड़कों की दशा सुधारने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले
सड़कों के अलावा कैबिनेट बैठक में अन्य विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। हालांकि, सबसे बड़ा फोकस इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट पर रहा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मरम्मत का काम तय समय सीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। टेंडर प्रक्रिया और काम की निगरानी के लिए भी सख्त दिशानिर्देश जारी किए जा सकते हैं।
इस फैसले के बाद अब लोक निर्माण विभाग (PWD) और संबंधित एजेंसियां जल्द ही सड़कों के सर्वे और मरम्मत का काम शुरू करेंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों में प्रदेश की सड़कों की तस्वीर बदल जाएगी।










