रियल एस्टेट कारोबारी संदीप उर्फ बंटी नागर की मौत के मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उनके कारोबारी संबंधों और पुराने लेनदेन से जुड़े नए तथ्य सामने आ रहे हैं।
बंटी नागर के मामले में सामने आए तीन महिला संबंधों में से अब पहले मामले की पड़ताल में भूमाफिया चंपू अजमेरा की पत्नी योगिता अजमेरा का नाम सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, बंटी नागर और योगिता अजमेरा के बीच करोड़ों रुपये के कारोबारी लेनदेन की जानकारी पुलिस की जांच के दायरे में है।
चंपू के जेल जाने के बाद योगिता संभाल रही थी कारोबार
योगिता अजमेरा के पति चंपू अजमेरा का नाम इंदौर के चर्चित जमीन धोखाधड़ी के मामलों में सामने आता रहा है और वह इन मामलों में जेल भी जा चुका है। सूत्रों के मुताबिक, चंपू के जेल जाने के बाद योगिता ने उसके कारोबार की जिम्मेदारी संभाली थी। इसी दौरान बंटी नागर के साथ भी उसके कारोबारी संबंध बने और दोनों कई प्रोजेक्ट से जुड़े हुए थे।
बताया जा रहा है कि दोनों के बीच राऊ क्षेत्र की एक कॉलोनी के मुनाफे के हिसाब-किताब को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी। सूत्रों के अनुसार, योगिता कई बार बंटी नागर के ऑफिस पहुंची थीं और दोनों के बीच कारोबारी लेनदेन को लेकर बातचीत तथा गहमागहमी होने की चर्चा सामने आई है। हालांकि, इस विवाद की वास्तविक वजह और दोनों पक्षों के बीच कितनी रकम का लेनदेन था, इसकी पुलिस जांच कर रही है।
घटना वाली रात पुलिस ने लिए योगिता के बयान
बंटी नागर की मौत के बाद पुस ने उनके कारोबालिरी संपर्कों और विवादों से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, घटना वाली रात ही योगिता अजमेरा के बयान भी लिए गए थे। अब पुलिस उनके और बंटी नागर के बीच हुए कारोबारी लेनदेन, प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेजों और विवाद की वास्तविक स्थिति की जांच कर रही है।
पुलिस के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण है कि बंटी नागर और योगिता अजमेरा के बीच किस-किस प्रोजेक्ट में साझेदारी या लेनदेन था, कितनी रकम का हिसाब बाकी था और दोनों के बीच विवाद की स्थिति आखिर क्यों बनी।
निलेश उपाध्याय से संबंध भी जांच के दायरे में
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, योगिता अजमेरा के निलेश उपाध्याय से पारिवारिक संबंध होने की जानकारी भी सामने आई है। बताया जाता है कि योगिता उन्हें राखी बांधती हैं। निलेश उपाध्याय का नाम पूर्व में कुछ आपराधिक मामलों की जांच के दौरान सामने आने की बात भी कही जाती रही है।
सूत्रों के मुताबिक, बंटी नागर और निलेश उपाध्याय के बीच भी कारोबारी संपर्क थे। हालांकि, बंटी नागर को धमकाने या किसी तरह का दबाव बनाने में निलेश उपाध्याय की भूमिका होने की चर्चा की पुष्टि फिलहाल पुलिस ने नहीं की है। यह पहलू भी जांच में है और मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल तथा अन्य साक्ष्यों से इसकी पड़ताल की जा रही है।
जन्मदिन की पार्टी में बिल्डर और कारोबारी हुए थे शामिल
करीब चार महीने पहले निलेश उपाध्याय की जन्मदिन की पार्टी आयोजित होने की जानकारी भी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, इस पार्टी में शहर के कई बिल्डर, कॉलोनाइजर और कारोबारी मौजूद थे। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि बंटी नागर के इन लोगों से किस तरह के कारोबारी संबंध थे और उनकी मौत से पहले किसी तरह का विवाद या दबाव तो नहीं बना था।
हालांकि, इन तमाम जानकारियों को लेकर अभी पुलिस की ओर से कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में किसी व्यक्ति की भूमिका को बंटी नागर की मौत से सीधे जोड़ना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
मोबाइल और दस्तावेज खोल सकते हैं लेनदेन का राज
बंटी नागर के दोनों मोबाइल फोन पुलिस ने जब्त किए हैं। पुलिस मोबाइल में मौजूद कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, फोटो और अन्य डिजिटल जानकारी की जांच कर रही है। इसके अलावा ऑफिस से मिले दस्तावेजों और प्रोजेक्ट से जुड़े कारोबारी रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस की जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि मौत से पहले बंटी नागर किन लोगों के संपर्क में थे और किन कारोबारी मामलों को लेकर बातचीत चल रही थी। इसी जांच में योगिता अजमेरा से जुड़े लेनदेन और विवाद की वास्तविकता भी सामने आने की उम्मीद है।
बाकी दो महिलाओं का भी जल्द होगा खुलासा
बंटी नागर की मौत के मामले में जांच के दौरान तीन महिलाओं से जुड़े अलग-अलग कारोबारी विवादों की जानकारी सामने आई है। इनमें से पहले मामले में योगिता अजमेरा से जुड़े कारोबारी लेनदेन और प्रोजेक्ट के मुनाफे को लेकर विवाद की जानकारी सामने आई है।
बाकी दो महिलाओं से जुड़े मामलों की जानकारी भी जल्द सामने आएगी। पुलिस की जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर इन दोनों मामलों की कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है।
फिलहाल बंटी नागर की मौत की वजह को लेकर पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। कारोबारी लेनदेन, पुराने विवाद, मोबाइल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। इसलिए सामने आई किसी भी जानकारी को अभी मौत की वजह मानना उचित नहीं होगा।











