किसी से किया दुलार, किसी के सिर पर रखा हाथ, स्कूल के पहले दिन छात्राओं से इस अंदाज में मिले सीएम मोहन यादव

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By Raj RathorePublished On: June 18, 2026

मध्यप्रदेश के स्कूलों में 18 जून से चहल-पहल बढ़ गई। दरअसल, आज राज्य के स्कूलों में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का दूसरा चरण आयोजित किया गया। इस मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर के शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से संवाद भी किया।

उन्होंने स्कूल की प्रयोगशाला का अवलोकन किया और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान स्कूल का माहौल पूरी तरह बदला-बदला नजर आ आया। सीएम डॉ. यादव ने छात्राओं से दुलार किया और उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद भी दिया।

इस निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है और विद्यार्थी उत्साह के साथ स्कूलों में पहुंचने लगे हैं। प्रदेश के लिए यह गर्व की बात है कि बीते तीन वर्षों में प्राथमिक शिक्षा स्तर पर ड्रॉपआउट दर शून्य हो गई है। साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

सीएम का मनमोहन अंदाज

बता दें, सीएम डॉ. यादव जब अचानक छात्राओं के बीच पहुंचे तो वे यकीन ही नहीं कर सकीं। एक तरफ सीएम यादव ने उनसे कई तरह के सवाल किए, तो दूसरी तरफ छात्राओं ने भी उनसे प्रश्न पूछ लिए। छात्राओं ने उनके हर सवाल का जवाब दिया। उनके जवाबों से प्रदेश के मुखिया संतुष्ट नजर आए।

Mohan Yadav with Students

सीएम डॉ. यादव ने छात्राओं से दुलार भी किया और उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद भी दिया। सीएम डॉ. यादव ने छात्राओं से विज्ञान को लेकर भी चर्चा की। छात्राओं ने लैब में उन्हें कई तरह की जानकारी दी।

नामांकन में दर्ज हुई वृद्धि

गौरतलब है कि प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का पहला चरण 1 से 4 अप्रैल तक आयोजित किया गया था। उस वक्त भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शासकीय स्कूलों में ड्रॉप आउट की संख्या शून्य करने पर स्कूल शिक्षा विभाग को बधाई दी थी। राज्य सरकार ने शासकीय स्कूलों में कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।

इससे वर्ष 2025-26 में नामांकन में 19.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में भी 32.4 प्रतिशत की प्रगति दर्ज की गई है। राज्य सरकार ने मौजूदा सत्र में स्कूलों में 1 करोड़ 45 लाख नामांकन करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में 369 भव्य सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत की गई।