शक्कर के बाजार में पिछले कुछ दिनों से कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। महज 20 दिनों में पहले शक्कर के हाजिर भाव में करीब 21 रुपए प्रति किलो की रिकॉर्ड तेजी आई और अब मंगलवार तक इसमें करीब 18 रुपए प्रति किलो की तेज गिरावट दर्ज की गई है। अचानक दाम गिरने से जहां आम ग्राहकों को राहत मिली है, वहीं ऊंचे भाव पर स्टॉक करने वाले कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
स्थिति यह है कि 68 रुपए प्रति किलो के भाव पर खरीदी गई शक्कर अब करीब 52 रुपए प्रति किलो के भाव में पहुंच गई है। यानी ऊंचे भाव पर माल खरीदने वाले कारोबारियों को मौजूदा कीमत पर करीब 16 रुपए प्रति किलो तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
तेजी के बाद अचानक मंदी ने बिगाड़ा कारोबार
शक्कर के दामों में अचानक आए इस उतार-चढ़ाव ने बाजार में कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। कारोबारियों का कहना है कि बढ़ती कीमतों के दौरान जिन लोगों ने ऊंचे भाव पर शक्कर खरीदी थी, अब वही स्टॉक कम कीमत पर डिलीवर करना पड़ रहा है।
इंदौर के कारोबारी आनंद खंडेलवाल का कहना है कि सरकार को कीमतों में इस तरह के अचानक उतार-चढ़ाव पर नियंत्रण रखना चाहिए। उनके मुताबिक किसी भी वस्तु के भाव में एकदम से इतनी तेजी या गिरावट आने से बाजार में आपसी विश्वास प्रभावित होता है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल शक्कर कारोबारियों के सामने सबसे बड़ी समस्या ऊंचे भाव पर खरीदे गए स्टॉक की है, जिसकी कीमत अब तेजी से नीचे आ गई है।
शक्कर की स्टॉक लिमिट भी तय
देशभर में शक्कर की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने व्यापारियों और डीलरों के लिए स्टॉक और होल्डिंग लिमिट तय की है। यह आदेश 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
निर्धारित सीमा के मुताबिक, देश में कोई भी शक्कर व्यापारी या डीलर किसी भी स्थान पर 4,000 क्विंटल से ज्यादा शक्कर का स्टॉक नहीं रख सकेगा।
सरकार की इस व्यवस्था का उद्देश्य बाजार में जरूरत से ज्यादा स्टॉकिंग रोकना और कीमतों में अनावश्यक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना है।
सियागंज बाजार में रोज हो रहे सौदों को लेकर विवाद
इंदौर के प्रमुख सियागंज किराना बाजार में शक्कर के भाव में लगातार बदलाव का असर सीधे कारोबार पर दिखाई दे रहा है। कारोबारी बताते हैं कि भाव तेजी से बदलने के कारण एक ही दिन में किए गए सौदों की डिलीवरी को लेकर विवाद की स्थिति बन रही है।
हाल ही में एक कारोबारी ने सुबह 30 बोरी शक्कर का सौदा 5,400 रुपए के भाव में किया। करीब दो घंटे बाद जब माल की डिलीवरी का समय आया, तब तक शक्कर के भाव में 200 रुपए प्रति बोरी की गिरावट आ चुकी थी।
इसके बाद ग्राहक ने डिलीवरी लेने से इनकार कर दिया। ग्राहक का तर्क था कि कुछ ही घंटों में भाव बदलने के कारण उसे सौदे पर नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्राहकों को राहत, कारोबारियों की बढ़ी चिंता
शक्कर के दाम में आई तेज गिरावट का सीधा फायदा आम ग्राहकों को मिल रहा है। हालांकि, जिन कारोबारियों ने तेजी के दौरान बड़ी मात्रा में शक्कर खरीदी थी, उनके लिए मौजूदा बाजार बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
कारोबारियों का कहना है कि भाव में लगातार हो रहा बड़ा उतार-चढ़ाव बाजार में प्रतिस्पर्धा और आपसी विश्वास दोनों को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में अब बाजार की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में शक्कर के भाव किस स्तर पर स्थिर होते हैं।










