इंदौर में सोमवार सुबह पंढरीनाथ थाने के सामने सीमेंटेड सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क पर 10 फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा हो गया। गनीमत रही कि जिस वक्त सड़क धंसी, वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। इससे बड़ा हादसा टल गया।
सड़क धंसने की सूचना सुबह करीब 11 बजे नगर निगम को मिली। इसके बाद निगम की टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची और गड्ढे को भरने का काम शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक सड़क के नीचे का हिस्सा अचानक किस वजह से धंसा, इसकी जांच की जा रही है।
लीकेज या पाइपलाइन में खराबी की जांच
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक सड़क सीमेंटेड है। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि इसके नीचे किसी तरह का लीकेज, पाइपलाइन में खराबी या सुराख तो सड़क धंसने की वजह नहीं बना।
स्थानीय निवासी शाहरुख खान ने बताया कि वह 19 सितंबर को इसी सड़क से गुजरे थे। उस समय भी यहां गड्ढा दिखाई दे रहा था। उन्होंने इसका वीडियो बनाकर शिकायत की थी। सोमवार सुबह सड़क का हिस्सा और धंस गया और गड्ढे की गहराई 10 फीट से ज्यादा हो गई।
जेसीबी से भरा गया गड्ढा, एक-दो दिन बाद होगी जांच
इंदौर नगर निगम के जोनल अधिकारी राहुल सूर्यवंशी ने बताया कि यहां नई सड़क प्रस्तावित है। सोमवार को चेंबर के पास गड्ढा होने की जानकारी मिलते ही निगम की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी बुलाकर गड्ढा भर दिया गया।
उन्होंने बताया कि गड्ढा भरने में करीब 10 क्यूबिक मीटर यानी दो गाड़ी माल लगा है। एक-दो दिन बाद मौके की स्थिति की दोबारा जांच की जाएगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार सीमेंट का काम कराया जाएगा।अधिकारी के मुताबिक यहां करीब 10 साल पहले ड्रेनेज लाइन का काम हुआ था। मास्टर प्लान में यह सड़क 60 फीट चौड़ी प्रस्तावित है।
इससे पहले भी इंदौर में धंस चुकी हैं सड़कें
इंदौर में सड़क धंसने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 9 सितंबर को नसिया रोड पर ड्रेनेज लाइन डालने के बाद लगाए गए पेवर ब्लॉक कई जगह धंस गए थे। स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक कुछ स्थानों पर सड़क करीब तीन फीट तक नीचे बैठ गई थी। इस सड़क पर बड़ी संख्या में दुकानें हैं और दिनभर लोगों के साथ लोडिंग वाहनों की आवाजाही रहती है।
28 अगस्त को गाड़ी अड्डा स्थित वाल्मीकि बस्ती में सड़क के बीचोंबीच करीब 20 फीट गहरा गड्ढा हो गया था। इस सड़क से रोजाना 10 हजार से ज्यादा वाहनों की आवाजाही होती है। गनीमत रही कि सड़क धंसने के समय कोई वाहन या राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया।
जिस जगह सड़क धंसी थी, उसके नीचे ड्रेनेज लाइन गुजर रही है और पास में चेंबर भी बना हुआ है। निगम अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि ड्रेनेज लाइन या चेंबर में किसी तरह की समस्या के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी खिसकी होगी।
गोराकुंड में भी सड़क में आई थी दरार
करीब 34 दिन पहले गोराकुंड में 40 करोड़ रुपए की लागत से बनी सड़क 24 घंटे वाटर सप्लाई के लिए बिछाई गई नई पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान धंस गई थी। सामने आए वीडियो में सड़क पर सामान्य आवाजाही के दौरान अचानक नीचे से पानी का तेज बहाव दिखाई दिया था। पानी के दबाव से डामर और पेवर ब्लॉक उखड़ गए और सड़क के बीचोंबीच बड़ा गड्ढा बन गया।
जिस समय सड़क धंसी, वहां से कार, ऑटो और बाइक सवार गुजर रहे थे। अचानक सड़क धंसने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ लोग डर के कारण अपने वाहन छोड़कर भागने लगे।











