इंदौर में अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। एरोड्रम थाना क्षेत्र में मंगलवार को तीन कारों में तोड़फोड़ की घटना के बाद टीआई मनोज सेंधव ने बुधवार को इलाके के करीब 50 बदमाशों को थाने बुलाकर सख्त हिदायत दी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जरूरत पड़ने पर आरोपियों को जेल भेजने के साथ जिलाबदर और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका/NSA) के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
कारों में तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने बदमाशों को बुलाया थाने
टीआई मनोज सेंधव ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही एरोड्रम थाने का प्रभार संभाला है। इसी दौरान उन्हें पल्हर नगर में तीन कारों के कांच फोड़ने की जानकारी मिली। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इलाके में नए होने के कारण टीआई को क्षेत्र के बदमाशों की पूरी जानकारी नहीं थी। ऐसे में वसूली, मारपीट और तोड़फोड़ जैसे अपराधों में शामिल रहे करीब 50 लोगों को थाने बुलाया गया। उनकी पहचान कराई गई और पुलिस रिकॉर्ड के लिए डोजियर भी भरवाए गए।
टीआई की सख्त चेतावनी- अपराध किया तो होगी कार्रवाई
थाने में बदमाशों को साफ शब्दों में चेतावनी दी गई कि वे किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि में शामिल न हों। टीआई ने कहा कि अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें जेल भेजने के साथ जिलाबदर और रासुका के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में सक्रिय बदमाशों की पहचान करना और अपराधों पर अंकुश लगाना है।
तीन कारों में तोड़फोड़ के दो आरोपी जेल भेजे गए
दो दिन पहले पल्हर नगर में नशे में धुत बदमाशों ने सोना-चांदी के व्यापारी और गैरेज संचालक की तीन कारों में तोड़फोड़ की थी। मामले में पुलिस ने आदर्श चौबे और पीयूष बोरासे को गिरफ्तार किया।
बुधवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी नशे के आदी हैं और उनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है। पुलिस का फोकस अब क्षेत्र के बदमाशों की पहचान कर उन पर नजर रखने और दोबारा अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर है।











