डेली कॉलेज बोर्ड ऑफ गवर्नर्स चुनाव: नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी के बाद उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट

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By Raj RathorePublished On: May 2, 2026
Daly College Indore Election

Daly College Indore : डेली कॉलेज इंदौर के चुनाव अधिकारी, न्यायमूर्ति सुशील कुमार गुप्ता (सेवानिवृत्त) ने आगामी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चुनाव के लिए नामांकन फॉर्मों की जांच के संबंध में एक औपचारिक आदेश जारी किया है। 2 मई 2026 को की गई इस जांच में ‘फाउंडर डोनर्स’ (Founder Donors) 2(b)(i) और ‘न्यू डोनर्स’ (New Donors) 2(b)(ii) श्रेणियों के उम्मीदवारों का मूल्यांकन कड़े प्रक्रियात्मक दिशानिर्देशों के आधार पर किया गया

न्यायमूर्ति गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि नामांकन प्रक्रिया 27 अप्रैल 2026 को डेली कॉलेज सोसाइटी की वेबसाइट पर अपलोड किए गए विशिष्ट दिशानिर्देशों द्वारा शासित थी ।

इन दिशानिर्देशों के अनुसार:

नामांकन फॉर्म केवल व्यक्तिगत रूप से या मूल आधिकारिक पत्र के साथ अधिकृत एजेंट द्वारा ही लिए जा सकते थे। फॉर्म पूरी तरह से गैर-हस्तांतरणीय थे; उन्हें उसी व्यक्ति द्वारा भरकर जमा करना था जिसके नाम पर वे जारी किए गए थे। उम्मीदवारों को भरे हुए फॉर्म व्यक्तिगत रूप से सोसाइटी के सचिव के समक्ष आयु प्रमाण की प्रति के साथ प्रस्तुत करने थे

जांच के परिणाम: फाउंडर डोनर्स 2(b)(i)
इस श्रेणी में दिशानिर्देशों के उल्लंघन के कारण दो उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त कर दिए गए, जबकि दो को स्वीकार किया गया:

ठाकुर साहेब अनिरुद्ध प्रताप सिंह

चुनाव अधिकारी के आदेश में कहा गया कि उनके नामांकन पत्र निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रस्तुत नहीं किए गए। सबसे पहले, उनके नामांकन पत्र स्वयं उम्मीदवार द्वारा प्रस्तुत नहीं किए गए, बल्कि श्री जय झाबुआ द्वारा जमा किए गए, जो दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।

दूसरा, यह पाया गया कि उनके नामांकन पत्र ऐसे फॉर्म पर प्रस्तुत किए गए थे जो महाराजा नरेंद्र सिंह झाबुआ के प्राधिकरण पर जारी किए गए थे, जबकि नियमों के अनुसार नामांकन पत्र किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से ट्रांसफर नहीं किए जा सकते। तीसरा, अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से फॉर्म लेने की स्थिति में मूल प्राधिकरण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य था, परंतु उनके मामले में ऐसा कोई प्राधिकरण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया।इन सभी कारणों के आधार पर उनके नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए।

ठाकुर नरेंद्र सिंह बिडवाल

ठाकुर नरेंद्र सिंह बिडवाल के नामांकन पत्रों में भी कई गंभीर विसंगतियां पाई गईं। जांच में पाया गया कि उनके नामांकन पत्र भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत नहीं किए गए और अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से प्रस्तुत करते समय मूल प्राधिकरण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया, जो दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।

इसके अतिरिक्त, उनके द्वारा प्रस्तुत आधार कार्ड में नाम केवल “नरेंद्र सिंह” अंकित था, जबकि नामांकन पत्र में “नरेंद्र सिंह बिडवाल” लिखा गया था। इस अंतर के कारण चुनाव अधिकारी यह सुनिश्चित नहीं कर सके कि दोनों नाम एक ही व्यक्ति को दर्शाते हैं या नहीं। एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया कि उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में हस्ताक्षर उपलब्ध नहीं थे।

जिससे चुनाव अधिकारी के पास उनके हस्ताक्षर का सत्यापन करने के लिए कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं था।इन सभी कारणों को गंभीर प्रक्रिया संबंधी त्रुटि मानते हुए उनके नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए।

देवास के महाराजा विक्रम सिंह पुआर (स्वीकार): उनके फॉर्म (नंबर 14 और 16) स्वीकार किए गए क्योंकि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से फॉर्म प्राप्त किए और जमा किए थे।

हिज़ हाइनेस राजा प्रियव्रत सिंह खींची (स्वीकार): उनके फॉर्म (नंबर 21, 23 और 25) स्वीकार किए गए क्योंकि उन्होंने स्वयं फॉर्मों पर हस्ताक्षर किए थे और उनके पहचान दस्तावेजों का मिलान उनके नामांकन पत्रों से पूरी तरह सही पाया गया ।

जांच के परिणाम: न्यू डोनर्स 2(b)(ii)

इस श्रेणी में अधिकांश नामांकन स्वीकार किए गए। चुनाव अधिकारी ने कुछ छोटी लिपिकीय त्रुटियों को नजरअंदाज किया, लेकिन फॉर्म भरने के सख्त नियमों को बरकरार रखा:

राजेश अग्रवाल और हरपाल सिंह भाटिया (स्वीकार): दोनों उम्मीदवारों द्वारा व्यक्तिगत रूप से फॉर्म (अग्रवाल: नंबर 2, 5; भाटिया: नंबर 17, 18) प्राप्त करने और जमा करने की पुष्टि हुई ।

संदीप पारेख (स्वीकार): उनके फॉर्म (नंबर 3 और 6) स्वीकार किए गए, हालांकि उनके पिता के नाम की वर्तनी में आईडी कार्ड और फॉर्म के बीच मामूली अंतर था, जिसे अधिकारी ने “मामूली दोष” माना ।

जयेश पटेल (आंशिक रूप से स्वीकार): उनका फॉर्म नंबर 7 स्वीकार किया गया, लेकिन फॉर्म नंबर 4 खारिज कर दिया गया क्योंकि प्रस्तावक (Proposer) के नाम में ओवरराइटिंग की गई थी ।

मनवीर सिंह बियास (स्वीकार): हालांकि फॉर्म जारी करने के रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर नहीं थे, लेकिन डेली कॉलेज द्वारा उपलब्ध कराए गए CCTV फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति की पुष्टि की गई ।

नीरज देसाई (स्वीकार): व्यक्तिगत सत्यापन के बाद उनका फॉर्म नंबर 24 स्वीकार कर लिया गया।

गुरमीत सिंह भाटिया (नाम वापस लिया): उन्होंने अपने नामांकन फॉर्म (नंबर 19 और 20) औपचारिक रूप से वापस ले लिए, इसलिए उनकी जांच की आवश्यकता नहीं पड़ी

सुनवाई और अंतिम सूची

जिन उम्मीदवारों के नामांकन खारिज किए गए हैं, विशेष रूप से ठाकुर नरेंद्र सिंह बिडवाल और ठाकुर अनिरुद्ध प्रताप सिंह जी डोटरिया, उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया है । यह सुनवाई 3 मई 2026 को दोपहर 3:00 बजे डेली कॉलेज के दरबार हॉल स्थित चुनाव कार्यालय में होगी ।इस सुनवाई के दौरान उठाई गई आपत्तियों के निराकरण के बाद, सफल उम्मीदवारों की अंतिम सूची सोसाइटी की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी ।