नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इंदौर स्थित आवास के बाहर बुधवार को एक दंपती ने प्रदर्शन किया। दोनों संविधान की प्रति हाथ में लेकर मंत्री के बंगले के बाहर खड़े हो गए और हाल ही में दिए गए उनके बयानों पर आपत्ति जताई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के बाद भी नहीं हटने पर दोनों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। प्रदर्शन करने वाले दंपती की पहचान खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले प्रहलाद पाण्डेय और संगीता पाण्डेय के रूप में हुई है।
मंत्री के बयान पर जताई नाराजगी
प्रहलाद पाण्डेय ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने NEET मामले को प्रदेश का विषय नहीं बताया था। उनका यह भी आरोप है कि मंत्री ने छात्र आंदोलन को “प्रायोजित” बताया और छात्रों के संदर्भ में अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे युवाओं और अभिभावकों में नाराजगी है। इसी के विरोध में वे मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे।
बिना अनुमति नहीं कर सकते प्रदर्शन
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर परदेशीपुरा थाना प्रभारी आरडी कानवा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दंपती से प्रदर्शन की अनुमति के बारे में पूछा और समझाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उस समय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर में नहीं, बल्कि भोपाल में थे और बिना अनुमति उनके आवास के बाहर प्रदर्शन नहीं किया जा सकता।
काफी समझाइश के बावजूद जब दंपती वहां से हटने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस ने उन्हें अभिरक्षा में लेकर थाने पहुंचा दिया। थाना प्रभारी आरडी कानवा ने बताया कि दंपती बिना अनुमति प्रदर्शन कर रहे थे। कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए उन्हें पूछताछ के लिए अभिरक्षा में लिया गया है। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
सांसद के घर भी कर चुके हैं प्रदर्शन
गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को भी प्रहलाद पाण्डेय और संगीता पाण्डेय सांसद शंकर लालवानी के आवास के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी कर चुके हैं। उस दौरान वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।










