इंदौर के सरकारी स्कूलों में कलेक्टर शिवम वर्मा समेत 162 अधिकारी लेंगे क्लास, नया शैक्षणिक सत्र होगा खास

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By Raj RathorePublished On: March 30, 2026
Shivam Verma Indore Collector

इंदौर जिले के सरकारी स्कूलों में इस बार शैक्षणिक सत्र की शुरुआत खास अंदाज में की जा रही है। 4 अप्रैल को जिले के 162 प्रशासनिक अधिकारी स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों की कक्षाएं लेंगे। इस पहल का मकसद सरकारी स्कूलों में शिक्षा स्तर और विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाना है।

शिक्षा विभाग ने सत्र के पहले दिन (1 अप्रैल) को उत्सव के रूप में मनाने का फैसला किया है। स्कूलों में विद्यार्थियों का स्वागत तिलक और वंदन के साथ किया जाएगा। साथ ही, विशेष बाल सभाओं का आयोजन होगा ताकि बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह पैदा हो सके।

कलेक्टर समेत अधिकारी करेंगे शिक्षण

इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा स्वयं प्रतापनगर स्थित आश्रम क्रमांक 2 में बच्चों को पढ़ाएंगे और संवाद करेंगे। उनके साथ जिले के 162 प्रशासनिक अधिकारी भी विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों की क्लास लेंगे। इस कार्यक्रम को ‘कलेक्टर की क्लास, स्कूल चले हम’ अभियान के तहत आयोजित किया गया है।

शैक्षणिक गतिविधियों पर जोर

सत्र की शुरुआत में ही विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण सुनिश्चित किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी और डीपीसी लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं ताकि नर्सरी से 12वीं तक के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर आकर्षक बनाया जा सके। विभाग ने शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की है।

छात्र संख्या बढ़ाने के लिए ‘ज्यादा नामांकन’ अभियान भी शुरू किया गया है। प्रत्येक विद्यालय से एक शिक्षक को घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करने की जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षक बच्चों के शैक्षिक स्तर का आकलन करेंगे और उन्हें स्कूल में प्रवेश के लिए प्रेरित करेंगे।

विद्यार्थियों और अभिभावकों का सम्मान

जिन विद्यार्थियों ने पिछली कक्षाओं में 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं, उनके अभिभावकों को स्कूल स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे बच्चों का मनोबल बढ़ेगा और वे और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे।

विशेष मध्यान्ह भोजन

सत्र के पहले दिन विद्यार्थियों के लिए विशेष मध्यान्ह भोज की व्यवस्था भी की गई है। साथ ही, पूरे साल शैक्षणिक गतिविधियों और नामांकन वृद्धि पर लगातार नजर रखी जाएगी। इंदौर जिले की यह पहल सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और छात्रों की भागीदारी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।